संतकबीरनगर। पारंपरिक फसलों के साथ फलों की खेती के प्रयोग का काम भी शुरू हो गया है। नाथनगर ब्लाॅक के तरयापार गांव में किसान ने फलों की खेती करके नजीर पेश की है। किसान ने करीब एक एकड़ खेत में ड्रैगन फ्रूट के पौधे लगाए हैं। यह कार्य अन्य किसानों को भी प्रेरित करने वाला है। तरयापार गांव के अमिताभ पांडेय ने करीब एक एकड़ खेत में ड्रैगन फ्रूट के पौधे लगाए हैं। इनकी सोच है कि खेती के तरीके को बदल दिया जाए, जिसका लाभ औरों को भी मिल सके। कृषि विज्ञान से परास्नातक तक की शिक्षा ग्रहण करने वाले अमिताभ कई क्षेत्रों में काम कर चुके हैं।
उन्होंने कृषि वित्त निगम में गोरखपुर के जोनल कोऑर्डिनेटर का भी दायित्व निभाया है। इस दौरान इन्होंने अलग-अलग विकास खंडों में किसानों को खेती के तरीके बताए। इसके अलावा अमिताभ ने एनएचएआई में सीनियर हॉर्टिकल्चर अफसर की जिम्मेदारी भी निभाई है।
इन्होंने सड़क किनारे खूबसूरत प्लांट लगाने का काम किया था। वह बताते हैं कि, वर्तमान परिवेश में पारंपरिक खेती से भी हटकर काम करने की जरूरत है और यह अधिक मुनाफा देने वाला है। उन्होंने कहा कि ड्रैगन फ्रूट काफी अच्छा फल है, इसमें नुकसान का भी जोखिम कम है और इसे आज के दौर में लोग पसंद भी कर रहे हैं। अमिताभ ने दिसंबर महीने में ड्रैगन फ्रूट के पौधे लगाए थे। अब करीब तैयार हो चुके हैं, उनकी छटाई का काम चल रहा है, जल्दी फल भी देने लगेंगे।
उद्यान विभाग भी करता है मदद ः उद्यान विभाग ऐसे किसानों को पौधे उपलब्ध कराता है, उन्हें इसके लिए पैसे नहीं खर्च करने पड़ते हैं। जिला उद्यान अधिकारी समुद्रगुप्त मल्ल कहते हैं कि इस तरह की खेती को बढ़ावा देने के लिए विभाग हर समय तत्पर है, जिससे कि किसान पारंपरिक के अतिरिक्त भी बेहतर काम कर सकें।