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Maharajganj News: शौचालय बनवाने के नाम पर 42.58 लाख रुपये के बंदरबांट का आरोप

Thu, 12 Dec 2024 12:53 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
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निचलौल। ब्लॉक क्षेत्र के ढेसो गांव में वर्ष 2012 में शौचालय बनवाने के नाम पर 42.58 लाख रुपये का बंदरबांट करने आरोप है। तत्कालीन ग्राम प्रधान ने ब्लॉक के जिम्मेदारों के साथ मिलकर इस करतूत को अंजाम दिया है।
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इस मामले को लेकर एक शख्स ने साक्ष्यों के साथ डीएम से मिलकर शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है। शिकायत के बाद मामले का पोल खुलते ही जिम्मेदारों में हड़कंप मचा है।
ढेसो निवासी मंजेश गौंड की ओर से दिए साक्ष्यों के अनुसार, वर्ष 2012 में शासन की ओर से ग्राम पंचायत के खाते 464 व्यक्तिगत शौचालय बनवाने के लिए धनराशि प्राप्त हुई थी। उक्त धनराशि को तत्कालीन ग्राम प्रधान ने ब्लॉक के जिम्मेदारों के साथ मिलकर डॉक्टर राम मनोहर लोहिया समग्र विकास योजना के तहत 24 और 31 दिसंबर 2012 को 464 व्यक्तिगत शौचालय बनवाने के नाम पर कुल 42,58,600 रुपये का बंदरबांट कर लिया है। शिकायतकर्ता ने विभाग से प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर बताया है, कि शौचालय योजना का लाभ लेने वाले सूची में अधिकांश व्यक्ति गांव के निवासी नहीं है। इतना ही नहीं इस योजना का लाभ लेने वाले सूची में तत्कालीन ग्राम प्रधान, रोजगार सेवक, सफाई कर्मी, एसएसबी जवान, सरकारी अध्यापक और पांच एकड़ से अधिक भूमि के स्वामी के साथ ही ट्रैक्टर, ट्रॉली, चारपहिया वाहन रखने वाले अपात्रों का नाम शामिल है। तत्कालीन ग्राम प्रधान ने पद का दुरुपयोग करते हुए कुछ व्यक्तियों का नाम सूची में दर्ज करते हुए मनचाहे फर्म को रकम भेज दिया। जिनका टेंडर भी नहीं हुआ है। बैंक स्टेटमेंट में साफ दिखाई दे रहा है। योजना के तहत प्रत्येक व्यक्ति के नाम से 46 सौ रुपये का चेक दिया जाना था। जो लाभार्थी के खाते में जमा होना था। लेकिन, 464 लाभार्थियों के साथ ऐसा नहीं हुआ है। जबकि योजना के तहत ही प्रत्येक लाभार्थियों को मनरेगा के तहत 45 सौ रुपये मजदूरी का प्रावधान है। जो किसी भी लाभार्थी को नहीं दिया गया।
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इस मामले में तत्कालीन ग्राम प्रधान फखरुद्दीन से शिकायत के संबंध में जानकारी लेने पर कहा कि उस वक्त गांव लोहिया हुआ था। गांव को ओडीएफ बनाने के लिए हर व्यक्ति को शौचालय देना था। पूरी पादर्शिता के साथ काम किया किया है। बेबुनियाद आरोप लगाया जा रहा है।
सहायक खंड विकास अधिकारी (पंचायत) विनय पांडेय ने कहा कि अभी इस तरह के मामले में कोई पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। पत्र मिलने पर जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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