सोनौली। काठमांडो और पोखरा जाने वाले मार्ग बंद कर दिए गए हैं। भारी वर्षा के कारण सीमावर्ती जिलों की 13 नदियां खतरे के निशान पर बह रही हैं। इसके चलते नारायण मुगलिंग सड़क मार्ग बीते 18 घंटे से बंद है। दो सौ से अधिक वाहन भूस्खलन में फंसे हैं। स्थानीय एवं पर्यटकों की सुरक्षा के लिए यातायात पुलिस राहत एवं बचाव में लगी है।
पृथ्वी राजमार्ग पर विभिन्न स्थानों पर भूस्खलन के कारण सड़क का यह हिस्सा शुक्रवार सुबह से बंद है। शनिवार की रात से काठमांडो-मुग्लिन-नारायणगढ़ से यातायात पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। पूर्वी नेपाल को काठमांडो से जोड़ने वाला वीपी राजमार्ग भी अवरुद्ध हो गया है। इस बीच हेटौंडा-काठमांडो को जोड़ने वाली सभी सड़कें बंद कर दी गई हैं।
भूस्खलन के कारण हेटौंडा को काठमांडो से जोड़ने वाली सभी लंबी और छोटी दूरी की सड़कें बंद कर दी गई हैं। हेटौंडा से काठमांडों तक कांति लोकपथ, राजधानी मार्ग (भीमफेडी कुलेखानी सिसनेरी दक्षिणकाली काठमांडू), कुलेखानी फखेल काठमांडो, कुलेखानी मातातीर्थ काठमांडू और त्रिभुवन राजपथ गुरुवार से लगातार बारिश के कारण भूस्खलन से अवरुद्ध हो गए हैं।
सड़क विभाग के अनुसार अरणी का राजमार्ग भी अवरुद्ध हो गया है। विभाग के अनुसार, काठमांडू-धुलिखेल-दोलालघाट-खादीचौर-कोडारी सड़क खंड पर भी विभिन्न स्थानों पर सड़कें अवरुद्ध हो गईं। सबसे ज्यादा असर वीपी हाईवे पर देखने को मिला है।
शुक्रवार से लगातार हो रही बारिश के कारण 13 अलग-अलग स्थानों पर नदियां खतरे के निशान को पार कर गई हैं। बाढ़ पूर्वानुमान प्रभाग के अनुसार, कुछ नदियों में पानी का प्रवाह अभी भी बढ़ रहा है। चितवन के देवघाट में नारायणी नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है। यहां पानी का बहाव अभी भी बढ़ रहा है।
इसी तरह, काठमांडो के बालकुमार में मनोहरा, भक्तपुर में जगती और कौशलतारामा में हनुमंते नदी, ललितपुर के झरुवासी में खोडकु नदी और खोकना में बागमती नदी खतरे के स्तर को पार कर गई हैं। सीमावर्ती नदिया नारायणी, रौतहट, बारा, धनकुटा, सिंधुली, भोजपुर, धनकुटा और सुनसारी में विभिन्न नदियों और नालों का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है।
चितवन पुलिस प्रमुख भवेश्वर रिजाल ने बताया कि बारिश रुकने के बाद राहत बचाव की स्थिति ठीक हो सकती है। भूस्खलन और दुर्घटना को देखते हुए आवागमन रोका गया है।