सपा के कैबिनेट मंत्री शिवपाल यादव की सभा में गाजीपुर निवासी सत्येन्द्र बिंद अपने शरीर पर मिट्टी तेल छिड़कर आत्म हत्या करने के विरोध में सोमवार को राष्ट्रीय निषाद एकता परिषद के लोगों ने मुख्यालय स्थित धरना स्थल पर धरना दिया।
जिलाध्यक्ष रामप्रीत निषाद ने कहा कि सभी पार्टियां निषाद वंश के लोगों का शोषण किया है। इसका जीता जागता उदाहरण गाजीपुर निवासी सत्येन्द्र बिंद द्वारा अपने शरीर पर मिट्टी का तेल छिड़कर आग लगाकर आत्महत्या करना है। उन्होंने कहा कि सत्येन्द्र बिंद अपने ग्राम प्रधान कोटेदार द्वारा प्रताड़ित होने पर थाने से न्याय न मिलने पर मंत्री के सभा में प्रार्थना पत्र देने गए थे। लेकिन पुलिस प्रशासन और अन्य लोगों ने मंत्री को पत्र नहीं देने देते है। न ही मिलने देते है। इससे हताश होकर प्रशासन के सामने अपने शरीर पर आग लगा लिया। ज्यादा जलने के कारण उनकी अस्पताल में मृत्यु हो गई। ऐसे में कबीना मंत्री और पुलिस प्रशासन ही दोषी है। मंत्री जान बचा सकते थे। लेकिन सपा की सरकार में क्रूरता के कारण न हो सका। इस घटना से पूरा निषाद समाज में आहत है। उन्होंने सरकार से मांग किया है कि मृतक के परिवार को बीस लाख रुपये मुआवजा व परिवार के एक सदस्य को नौकरी दिया जाए। मंत्री को बर्खास्त कर मुकदमा दर्ज किया जाए। प्रताड़ित करने वाले ग्राम प्रधान, कोटेदार पर भी मुकदमा दर्ज किया जाए। उन्होंने कहा कि शीघ्र मांगे पूरी नहीं की गयी तो राष्ट्रीय निषाद एकता परिषद के लोग आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। इस दौरान देवी दिन निषाद, गीता निषाद, मिरा निषाद, रम्भा निषाद, कपिलदेव निषाद, मोहन, राज देव निषाद, राधिका निषाद, राखी निषाद, साधू निषाद के अलावा तमाम निषाद समाज के लोग उपस्थित रहे।