गुणवत्तापूर्ण मेनपावर के लिए खुलेंगे विदेशी द्वार
बेटियों को कम आंकने की बदल जाएगी सोंच
महराजगंज। शिक्षा से उद्यम व रोजगार को एक धागे में पिरोकर एक साथ तीन-तीन फील्ड को मजबूत करने के लिए स्थायी समिति के गठन का प्रारूप बजट में तय किया गया है। इसमें एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) का बखूबी उपयोग करने की बात समाहित है। इससे पेशेवर यूथ मेनपावर विकसित होने की उम्मीद मजबूत हुई है। प्रशिक्षित युवाओं के लिए विदेश की बहुराष्ट्रीय कंपनियों के द्वार खुलेंगे।
छात्र नेता अंकुर मणि त्रिपाठी ने बताया कि एआई आज समय की मांग है। बजट में इस पर भरपूर ध्यान दिया गया है। एआई के जरिये जब विशेष प्रशिक्षण दक्ष मेनपावर विकसित करेगा जिनकी तलाश लंबे र्से से बहुराष्ट्रीय कंपनियां कर रही थीं। डॉ. आंबेडकर महाविद्यालय की छात्रा अनुराधा चौधरी ने कहा कि यूथ को मजबूत बनाने के लिए महिलाओं के लिए प्रत्येक जिले में गर्ल्स हॉस्टल की घोषणा बेटियों के उत्थान में कारगर साबित होगा। ग्रामीण क्षेत्र की अधिकतर बेटियां महज इसलिए शिक्षण व प्रशिक्षण से दूर रह जाती हैं क्योंकि अधिकतर शिक्षण व प्रशिक्षण प्रबंध जनपद मुख्यालयों पर होते हैं।
छात्रावास की सुविधा मिलने पर बेटियां भी जनपद मुख्यालय पर रहकर प्रशिक्षण लेकर दक्षता बढाएंगी। भरत नाथ चौरसिया ने कहा कि 15 हजार से अधिक स्कूलों में आईसीटी लैब बनाने की पेशकश से यूथ पावर सशक्त होगी। इससे एआई की प्रारंभिक जानकारी के लिए अधिक परेशानी नहीं होगी। अनिल विश्वकर्मा ने बताया स्पोर्ट्स इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने का प्रावधान है। इससे न सिर्फ खेल संस्कृति मजबूत होगी, बल्कि भारत खेल से जुड़े उद्योगों में भी पनपेगा।