थोक में 55 रुपया किलो और फुटकर में 65 रुपया किलो बिक रहा प्याज, एक सप्ताह पहले प्याज का रेट 25 रुपया किलो था
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। त्योहारी सीजन में टमाटर के राहत देने के बाद अब प्याज की कीमतें भी लगातार बढ़ रही हैं। पिछले 20 दिनों में प्याज के रेट में इजाफा हुआ है, जो लोगों की जेब पर भारी पड़ रहा है। सब्जी विक्रेताओं का कहना है कि बढ़ती कीमतों के पीछे कारण है कि बाजार में प्याज की कमी है। जब प्याज की पर्याप्त आपूर्ति होगी, तो कीमतें नियंत्रण में होंगी। अगले महीने नवंबर-दिसंबर तक बाजार में नया माल आ जाएगा। प्याज की कीमत 80 रुपये प्रति किलो तक पहुंच सकती है।
सोमवार को शहर के थोक मंडी में सब्जी विक्रेता से पूछा कि प्याज क्या रेट है, जवाब मिला 65 रुपये किलो। कई लोगों यही सवाल करते हुए दिखे। सप्ताह भर पहले जिन लोगों ने प्याज खरीदा थे, वह लोग मंडी पहुंचे तो रेट सुनकर चौंक गए। विक्रेता अवधेश कुमार ने बताया कि एक सप्ताह पहले प्याज का रेट 25 रुपया किलो था। अभी थोक में 55 रुपया किलो और फुटकर में 65 रुपया किलो बिक रहा है।
दीपावली तक प्याज की कीमत में और भी इजाफा हो सकता है। सब्जी विक्रेता नरेश ने बताया कि अगले 15-20 दिन के बाद प्याज के भाव में गिरावट आने की उम्मीद है। नया प्याज बाजार में आ जाएगा, तब प्याज के भाव में गिरावट आएगी। इसके बाद कुछ हद तक समस्या कम होगी।
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गड़बड़ाया घर का बजट
प्याज का दाम बढ़ने से एक बार फिर घर का बजट गड़बड़ा गया है। सरिता देवी का कहना है कि सरकार को महंगाई पर नियंत्रण के लिए विशेष ध्यान देना चाहिए। बिंदू का कहना था कि कभी टमाटर तो कभी प्याज के दाम बढ़ जा रहे हैं। आम आदमी की मुश्किल कम ही नहीं हो रही है। क्या करें, सरकार को कुछ करना चाहिए।