महराजगंज। इन दिनों बाजार में धड़ल्ले से मिलावटखोरी चल रही है। गर्मी का फायदा उठाकर बाजार में मिलावटी आइसक्रीम बेची जा रही है, जो बच्चों के लिए खतरनाक साबित हो सकती है।
गर्मी में आइसक्रीम की बिक्री तेज हो गई है। इसका फायदा उठाकर कुछ लोग मिलावटी आइसक्रीम बेच रहे हैं। टीम ने दो नमूने जांच के लिए भेजा है। शुद्ध आइसक्रीम, जूस आदि खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से छापामारी की जा रही है।
शुक्रवार को मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी केके उपाध्याय के नेतृत्व में शहर में कई स्थानों पर जांच की गई। धनेवा-धनेई में आइसक्रीम की निर्माण इकाई का निरीक्षण किया गया। वहीं सिविल लाइंस में आइसक्रीम की निर्माण इकाई का निरीक्षण कर कुल्फी आइसक्रीम का नमूना संग्रहित कर जांच के लिए भेजा गया। दोनों इकाइयों को नियमानुसार लाइसेंस लेने के बाद ही इकाइयां चलाने के निर्देश दिए गए।
टीम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी रंजन श्रीवास्तव और अंकित सिंह मौजूद रहे। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने कहा कि दुकानदारों को खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर जागरूक किया गया। उन्हें शुद्धता बनाए रखने के लिए चेतावनी दी गई है। विभाग की ओर से टीम लगातार जांच कर रही है।
ऐसे तैयार कर रहे आइसक्रीम
सूत्रों की माने तो, सफेद चमक लाने के लिए आइसक्रीम में वाशिंग पाउडर मिलाया जाता है। शहर से लेकर गांव के चौराहों तक सस्ती आइसक्रीम बिक रही है। गर्मी में लोग जगह-जगह लगने वाली रेहड़ी या दुकानों से कुल्फी, आइसक्रीम, गन्ने का रस, शेक, कोल्ड ड्रिंक, सैप जूस और फ्रूट जूस आदि का स्वाद लेने लगे हैं। गन्ने के रस में भले ही कुछ न हो, लेकिन गन्ना खराब होने पर उसमें मौजूद कीड़े आदि का पता नहीं चल सकेगा। जलजीरा, पुदीने वाला पानी, नींबू पानी में स्वाद बनाने के लिए रंग का प्रयोग किया जा रहा है। कहीं कुल्फी और आइसक्रीम में मसाले वाली बर्फ का इस्तेमाल किया जा रहा है तो कहीं पाउडर ज्यादा मिलाया जा रहा है, जो कि सेहत के लिए ठीक नहीं है।
मिलावटी आइसक्रीम खाने से पेट और लिवर की बीमारियां होती हैं। शरीर की बीमारियों से लड़ने की क्षमता भी घट जाती है। आइसक्रीम में अक्सर चीनी और वसा की मात्रा अधिक होती है, जिससे वजन बढ़ने का खतरा रहता है। इसके अलावा आइसक्रीम के कारण दांतों में झनझनाहट और कैविटी की समस्या बढ़ने का भी खतरा देखा जाता है।
-डॉ. एएम भाष्कर, फिजिशियन
रंग और सेक्रीन सेहत के लिए नुकसानदायक
गांधी नगर के आत्माराम गुप्त ने बताया कि बर्फ के गोले बच्चों के लिए खतरनाक हो सकते हैं। ठंडी-ठंडी और रंग-बिरंगी बर्फ और मिलावटी आइसक्रीम खाने में तो बेहद अच्छी लगती है, लेकिन इसमें मिला रंग और सेक्रीन सेहत के लिए काफी नुकसानदायक होती हैं। शहर में इन दिनों मिलावटी खाद्य सामग्री बिक रही है। बर्फ के गोले में इस्तेमाल होने वाले शरबत में डाले जाने वाले रंग कितने घातक हो सकते हैं, वहीं खुले में बिकने वाली बर्फ गंदे तरीके से बनाई जाती है।
अधिक बर्फ के उपयोग से गले में हो जाता है इंफेक्शन
बर्फ के गोले में मिलाया जाने वाला रंगीन शरबत लीवर के लिए घातक होता है। खुले में बिकने वाले शीतलपेय आपके बच्चों के लिए खतरनाक हो सकते हैं। जिला अस्पताल के डॉ. अनिल कुमार का कहना है कि बहुत अधिक बर्फ के उपयोग से गले में इंफेक्शन हो जाता है। आइसक्रीम में मिलावट हो तो पेट में दर्द होने लगता है। इसलिए अपने बच्चों को ऐसे खाद्य पदार्थों से दूर ही रखना चाहिए।