फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Maharajganj News: चंडीगढ़ की महिला से सामूहिक दुष्कर्म मामले में आरोपी तलब, 11 को सुनवाई

विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

महराजगंज। चंडीगढ़ के औद्योगिक क्षेत्र की महिला से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने तीन आरोपियों मनीष शारदा, अनिल गौतम व उमेश मंदरवाल को 11 दिसंबर को तलब किया है। परिवादिनी को कोर्ट में गवाहों की सूची दाखिल करने का आदेश दिया गया है।
पत्रावली के अनुसार, पीड़िता मार्च 2021 में वह चंडीगढ़ के सेक्टर 17 में स्थित डीसी कार्यालय में शपथपत्र बनवाने गई थी। वहां उसकी मुलाकात दो लोगों से हुई, जिन्होंने न सिर्फ उसका शपथ पत्र बनवा कर दे दिया, बल्कि स्टील फैक्ट्री में नौकरी दिलाने का भी भरोसा दिया। पीड़िता कुछ दिन बाद आरोपियों से बात कर इंडस्ट्री एरिया स्थित फैक्ट्री में पहुंची। आरोप है कि वहां दोनों ने उसके दस्तावेज ले लिए और सादे कागजात पर अंगूठा भी लगवा लिया। पीड़िता का कहना है कि जब उसने दोनों आरोपियों से गोंडा में फैक्ट्री में काम पर जाने की बात कहीं तो उन्होंने कानपुर में मिलने के लिए बुलाया। 21 जून 2021 को एक युवक उसके घर आया जिसने फोन पर एक आरोपी से बात कराई। इसके बाद उसे महराजगंज ले जाया गया।
विज्ञापन

फैक्ट्री में नौकरी दिलाने के नाम पर ले आए थे महराजगंज
मनीष शारदा नाम के व्यक्ति ने महिला से कहा कि महराजगंज की फैक्ट्री में उसकी नौकरी लगवा रहे हैं और फैक्ट्री देखने के लिए बुलाया। आरोपियों के झांसे में आकर पीड़िता 22 जून 2021 को कानपुर पहुंची। वहां से उसके साथ तीन लोग एक कार में तथा पांच-छह अन्य लोग दूसरी कार में महराजगंज के लिए निकले। फैक्ट्री देखने के बाद रात में उन सभी ने कोल्हुई के पास खाना खाया और फिर कानपुर के लिए निकले। कोल्हुई से कुछ दूर आगे आने के बाद गाड़ी को संकरी सड़क पर उतार लिया। गाड़ी में ही तीन आरोपियों ने उसकी साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता की शिकायत पर कोल्हुई पुलिस ने केस दर्ज किया था और विवेचना के बाद रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल की थी।
विज्ञापन

मोबाइल से साक्ष्य डिलीट कराने का भी आरोप
आरोप है कि चंडीगढ़ के भूषण स्टील में पीड़िता को वीएस संधू नाम के शख्स से मिलवाया गया। संधू ने यूपी पूछताछ के लिए यूपी पुलिस के आने का हवाला देते हुए कहा कि मामले से संबंधित जो भी रिकार्डिंग हो डिलीट कर दी। इसके बाद आरोपियों के दिए प्रपत्र और रिकार्डिंग मोबाइल से डिलीट करा दिया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने सुनवाई करते हुए आरोपियों को कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया है। पीड़िता ने बयान में कोर्ट को बताया है कि दुष्कर्म के कारण गर्भवती हुई और बच्चे को जन्म दिया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें