निचलौल। थाना क्षेत्र के सेमरहना गांव के ग्रामीणों ने बृहस्पतिवार को मंदिर की जमीन का फर्जी तरीके से वसीयत कराने के खिलाफ तहसील मुख्यालय पर जिम्मेदारों के खिलाफ प्रदर्शन किया। ग्रामीण चिउटहा मार्ग से पैदल नारेबाजी करते हुए तहसील पहुंचे।
काफी समय बीतने के बाद भी जब ग्रामीणों की समस्या को सुनने कोई आया तो आक्रोशित ग्रामीणों ने तहसील के मुख्य गेट पर बैठकर रास्ता रोक दिया। करीब आधे घंटे बाद मौके पर पहुंचे। एसडीएम शैलेंद्र गौतम के समझाने पर ग्रामीण किसी तरह शांत हुए। ग्रामीणों ने मामले में एसडीएम को ज्ञापन सौंप मंदिर की भूमि को सुरक्षित करने की मांग की है।
तहसील पर विरोध प्रदर्शन कर रहे सेमरहना गांव निवासी प्रद्युम्न पांडेय, सुनील, बाबूराम, चेतन गिरी, दीनानाथ, पूर्व प्रधान पार्वती, तारा, अनारी, जानकी आदि ने बताया कि गांव में भगवान शंकर पार्वती का पुराना मंदिर है। मंदिर के नाम बाग के अलावा खेती योग्य भूमि भी है, जिसको कुशीनगर जिले के रहने वाले एक व्यक्ति ने पूर्व में तहसील पर तैनात रहे एक अधिकारी की मिलीभगत से फर्जी वसीयत कराकर खतौनी में नाम दर्ज करा लिया है। इतना ही नहीं वह व्यक्ति पिछले चार साल से मंदिर की भूमि पर उगने वाली फसलों को बेचकर अपने निजी कार्यों में उपयोग कर रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि इसका विरोध करने पर आरोपी ने कुछ ग्रामीणों पर फर्जी तरीके से केस भी दर्ज करवा दिया है, जिसकी शिकायत डीएम और पुलिस अधीक्षक से की गई है। फिर भी अभी तक इस समस्या का समाधान नहीं हो सका है।
इन लोगों ने एसडीएम को सौंपे ज्ञापन में कहा है कि अगर 12 मई तक मंदिर की भूमि में बोई गई गेहूं की फसल मंदिर में नहीं रखी गई तो वह लोग मंदिर परिसर में बैठकर धरना देंगे। ग्रामीणों के इस विरोध प्रदर्शन और जिम्मेदाारों की कारस्तानी को लेकर तहसील परिसर में काफी देर तक चर्चा चलती रही।