फरेंदा/महराजगंज। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के बैनर तले शनिवार को कार्य बहिष्कार कर लेखपालों ने कलक्ट्रेट में विभिन्न मांगों को लेकर धरना दिया। एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई को उत्पीड़न मानते हुए इसपर रोक लगाने के लिए मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सदर एसडीएम को सौंपा। वहीं निचलौल, नौतनवा, फरेंदा में भी लेखपालों ने कार्य बहिष्कार कर धरना दिया।
लेखपाल जांच एजेंसियों पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए मुखर हो गए हैं। उनका कहना है कि एंटी करप्शन व विजिलेंस खुद ही भ्रष्टाचार के आकंठ में डूबी हुई है। इन विभागों में कार्यरत अधिकारियों के परिजन और रिश्तेदार लखनऊ में जमीनों पर कब्जा कर प्लाटिंग कारोबार कर रहे हैं। वहीं लेखपालों से राजस्व विभाग जमीन पैमाइश के अतिरिक्त भी तमाम कार्य लेता है, जिससे तमाम दुश्मन सिर्फ फंसाने के लिए मौका तलाशते हैं।
चार सितंबर को इसी प्रकार जिले के एक लेखपालों को टीम ने गिरफ्तार कर लिया था, जबकि टीम ने स्वीकार किया कि लेखपाल को पैसा लेते नहीं पकड़ा गया। आखिर जब साक्ष्य ही नहीं तो आखिर कैसे गिरफ्तार किया गया। प्रदर्शन करने वालों में अध्यक्ष अशोक कुमार त्रिपाठी, मंत्री ऋषिकेश शर्मा, दीपक मणि, शोभनाथ भारती, शीला चौधरी, मारुति नंदन, सुनील कुमार यादव आदि लेखपाल धरने के साथ ज्ञापन सौंपने वालों में शामिल रहे।
फरेंदा प्रतिनिधि के अनुसार, तहसील परिसर में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन करते हुए कार्य बहिष्कार किया। लेखपाल संघ ने अपनी मांगों का पत्र एसडीएम को देते हुए समस्या के समाधान की मांग की। लेखपाल संघ के जिला मंत्री कृष्ण मोहन यादव, तहसील अध्यक्ष विश्वनाथ गुप्ता के साथ कई लेखपाल तहसील परिसर में धरना प्रदर्शन किया। लेखपाल संघ ने कहा कि लेखपाल साथियों के साथ साजिश किया जा रहा है।
लेखपालों को झूठा फंसाने की नियत से एंटी करप्सन की ओर से जबरन ट्रैप की कार्रवाई की जा रही है जो सरासर गलत व अन्याय पूर्ण है। सभी लेखपाल मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन एसडीएम मुकेश सिंह को दिया। इस दौरान तहसील मंत्री गुलशन भारती, पूर्णिमा गुप्ता, रविंद्र यादव, शिवम, दीपेंद्र सिंह, दीनदयाल यादव, आशीष सिंह, सोनालिका प्रसाद, रामप्रकाश, शमशेर आलम मौजूद रहे।