लक्ष्मीपुर। ब्लाॅक संसाधन केंद्र व डाकघर लक्ष्मीपुर पर संचालित आधार मशीन करीब दो साल से बंद पड़ी है। इससे परिषदीय, मान्यता प्राप्त विद्यालयों और मदरसों में पढ़ने वाले करीब तीन हजार बच्चे आधार कार्ड से वंचित हैं।
नया आधार कार्ड बनवाने और अपडेट कराने के लिए लोगों को भटकना पड़ रहा है। अगले माह से परिषदीय स्कूलाें का नया सत्र शुरू होगा। दुर्व्यवस्था के कारण एक बार फिर परेशानी तय है। क्षेत्र के बेसिक शिक्षा परिषद के तहत संचालित कक्षा 1 से 8 तक के परिषदीय, मान्यता प्राप्त व मदरसा के कुल 286 विद्यालय हैं।
इनमें से हर विद्यालयों में 5 से 20 बच्चों के आधार कार्ड नहीं बने हैं। कुछ छात्रों के आधार में संशोधन की जरूरत है। शिक्षकों और अभिभावकों को परेशानी हो रही है। प्राथमिक शिक्षक संघ लक्ष्मीपुर के ब्लाॅक महामंत्री हरिश्चंद्र चौधरी ने बताया कि लक्ष्मीपुर बीआरसी पर दो आधार मशीन लगे थे, लेकिन पिछले दो वर्षों से दोनों मशीन बंद हैं।
अप्रैल में सभी विद्यालयों में नया नामांकन होना है। जब बच्चों का आधार कार्ड ही नहीं बनेगा तो कैसे नया नामांकन कैसे होगा। इसी तरह लक्ष्मीपुर बाजार में स्थित डाकघर में लगभग डेढ़ वर्ष से आधार मशीन खराब होने के कारण क्षेत्र के लोगों को परेशानी हो रही है। जरूरतमंद आए दिन बीआरसी, आधार केंद्रों पर भटक रहे हैं।
अभिभावक अमीरुल्लाह खान ने बताया कि छात्र की पढ़ाई, नौकरी, बैंक खाता, एडमिट कार्ड, आवास योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, पीएम किसान, विधवा, वृद्धा पेंशन जैसे सभी सरकारी योजना सहित हर जगह आधार जरूरी है। इसको लेकर प्रशासन गंभीर नहीं है।
खंड शिक्षा अधिकारी लक्ष्मीपुर पिंगल प्रसाद राणा ने बताया कि बीआरसी कार्यालय से एक आधार ऑपरेटर शिक्षक का आईडी जनरेट करने के लिए जिला मुख्यालय को पत्रावली पिछले माह भेजी गई है। आधार आईडी मिलते ही कैंप लगाकर बीआरसी पर बच्चों का आधार कार्ड बना सकेंगे।