एग्जिट प्रक्रिया पूरी करने के बाद भी पेनाल्टी दिखाने का आरोप
सोनौली। भारत-नेपाल के बीच आने-जाने वाले टैक्सी चालक नेपाल भंसार कार्यालय की लापरवाही से परेशान हैं। नियमानुसार वाहन की एग्जिट प्रक्रिया पूरी करने के बाद भी पेनाल्टी लगाए जाने से भारतीय टैक्सी चालक आक्रोशित हैं।
गोरखपुर निवासी टैक्सी चालक वीरेंद्र यादव ने आरोप लगाया है कि नेपाल के भैरहवा भंसार (कस्टम) कार्यालय की ऑनलाइन प्रणाली में गड़बड़ी के कारण उन्हें 75 हजार की पेनाल्टी का सामना करना पड़ा। जबकि उन्होंने हर बार नियमानुसार वाहन की एग्जिट प्रक्रिया पूरी कराई थी। वीरेंद्र यादव ने बताया कि उनकी टैक्सी भारत-नेपाल के बीच संचालित होती है।
3 जुलाई, 5 जुलाई और 21 जुलाई को यात्रियों को लेकर वे नेपाल गए थे और प्रत्येक बार लौटते समय वाहन की एग्जिट प्रक्रिया पूरी कराई थी। उन्होंने बताया कि मंगलवार को जब वे भंसार कार्यालय की खिड़की नंबर 2 और 3 पर पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि सिस्टम में उनकी गाड़ी की एग्जिट दर्ज नहीं है। इसके चलते उनके वाहन पर 75 हजार की पेनाल्टी दिखाई जा रही है। कहा कि उन्होंने इस संबंध में उच्च अधिकारियों से भी शिकायत की लेकिन समाधान नहीं हुआ।
उनका आरोप है कि अधिकारियों ने उनके दस्तावेजों पर लगे स्टैंप को फर्जी बताकर उन्हें लौटा दिया। उनका आरोप है कि ऑनलाइन प्रणाली और रिकॉर्ड में गड़बड़ी का खामियाजा भारतीय वाहन चालकों और पर्यटकों को भुगतना पड़ रहा है। नेपाल प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर सिस्टम में सुधार करने तथा गलत तरीके से दिखाई जा रही पेनाल्टी को समाप्त करने की मांग की है। इस सम्बंध में भंसार चीफ हरिहर पौडेल ने बताया कि चालक आया था। समस्या के संबंध में उच्चाधिकारियों को जानकारी दी गई है।