महराजगंज। ढाई लाख फिरौती के लिए आजमगढ़ निवासी युवक का अपहरण करने वाले अपहरणकर्ताओं को फरेन्दा पुलिस ने गिरफ्तार कर युवक को बरामद कर लिया है। अपहरणकर्ता का एक साथी भागने में सफल रहा। पुलिस ने अपहरणकर्ता को जेल भेज दिया है।
एसपी अतुल शर्मा ने बताया कि आजमगढ़ के कोटिया कोटिहार निवासी रामसमुझ ने फरेन्दा पुलिस को तहरीर दी कि उसके बेटे नागेन्द्र का दो युवकों ने 25 अक्टूबर को आजमगढ़ से अपहरण किया गया है। अपहरण के अगले दिन उनके मोबाइल पर ढाई लाख फिरौती की मांग की गई। अपहरणकर्ताओं ने रामसमुझ को रुपये लेकर आनंदनगर रेलवे स्टेशन पहुंचने को कहा। पुलिस को सूचना देने पर नागेन्द्र को जान से मारने की बात कही। 26 अक्टूबर को रामसमुझ डेढ़ लाख रुपये लेकर आनंदनगर पहुंचे। जहां अपहरणकर्ताओं ने पूरे रुपये देने पर ही नागेन्द्र को छोड़ने की बात कही थी। जिसके बाद पीड़ित ने मुकदमा दर्ज कराया।
सीओ फरेन्दा राजकुमार यादव, इंस्पेक्टर फरेन्दा आरएन सिद्धार्थ, दरोगा रामनयन यादव, अरुण कुमार सिंह व सिपाही मुकुल त्रिपाठी अपहरणकर्ता की तलाश में जुट गए। टीम ने मुखबिर की सूचना पर सोमवार की भोर अपहरणकर्ता को तिलकहना जाने वाली पुलिया के पास नागेन्द्र के साथ गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम जमालुद्दीन निवासी तिलकहना व भागने वाले साथी का एहसान अली निवासी छपिया थाना श्यामदेउरवा बताया। पुलिस ने उसके कब्जे से एक बाइक बरामद की है।
एसपी ने बताया कि दूसरे अभियुक्त की गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापा मार रही है। उन्होंने घटना का खुलासा करने वाली टीम को पांच हजार रुपये ईनाम देने की घोषणा की है।
मुंबई में एक साथ काम करते थे
एसपी अतुल शर्मा ने बताया कि नागेन्द्र व अपहरणकर्ता जमालुद्दीन मुंबई में एक साथ काम करते थे। इस दौरान जमालुद्दीन को पता चला कि नागेन्द्र का एक भाई सऊदी अरब में रहता है और काफी मालदार है। जिस पर उसने अपहरण की कहानी रच डाली।
पिता ने महराजगंज पुलिस को धन्यवाद दिया
नागेन्द्र के पिता रामसमुझ ने महराजगंज पुलिस को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि एसपी अतुल शर्मा के निर्देशन पर टीम ने उनके लड़के को सकुशल बरामद किया है। वहीं आजमगढ़ पुलिस के प्रति उन्होंने गुस्सा जाहिर करते हुए कहा कि अपहरण के बाद वह लगातार वहां की पुलिस का चक्कर लगाते रहे लेकिन मुकदमा दर्ज नहीं किया।