महराजगंज। लोकसभा चुनाव में थानाध्यक्षों और अधिकारियों के खिलाफ शिकायतों की संख्या बढ़ती जा रही है। तीन थानाध्यक्षों के अलावा कई अधिकारियों पर राजनीतिक दलों के पक्ष में कार्य करने की शिकायत निवार्चन आयोग से की गई है। निर्वाचन आयोग ने डीएम को जांच कराने का निर्देश दिया है। साथ ही इसकी रिपोर्ट भी मांगी है।
बरगदवा गांव के शत्रुध्न ने शिकायत किया कि एक पक्ष के प्रभाव में आकर थानाध्यक्ष अनिल सिंह ने उनके खिलाफ एनसीआर दर्ज किया। बाद में गुुंडा एक्ट भी लगाया लेकिन डीएम कार्यालय से गुंडा एक्ट खारिज हो गया। अब फर्जी मुकदमा में फंसाना चाहते हैं। गेरमा गांव निवासी उमेश पांडे ने आरोप लगाया है कि एक व्यक्ति से जमीन विवाद चल रहा है। यह मामला एसडीएम कोर्ट में चल रहा है, बाद में स्टे हो गया। पूर्व थानाध्यक्ष ने समझौता कराया था। लेकिन उनका तबादला हो जाने के बाद विपक्षी जमीन पर कब्जा कर रहे हैं। कार्य नए दरोगा के शह पर कराया जा रहा है। खानपुर घुघली निवासी दिलीप कुमार ने घुघली थानाध्यक्ष राजेश वर्मा एक राजनीतिक दल के एजेंट के रूप में कार्य कर रहे हैं। इनके रहते चुनाव निष्पक्ष नहीं हो सकता। इंडियन नेशनल कांग्रेस के सचिव शरदेंदु कुमार पांडे ने एलआयू इंस्पेक्टर आरबी सिंह और थानाध्यक्ष बृजमनगंज अनिल यादव पर आरोप लगाया है कि यह लोग एक राजनीतिक दल के पक्ष में कार्य कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष संजय मणि त्रिपाठी और जिलामंत्री उपेंद्र पांडे ने आरोप लगाया है कि वित्त एवं लेखाधिकारी बेसिक शिक्षा प्रमोद चंद शाह अक्टूबर 2009 से जिले में कार्यरत हैं। इससे उनकी सांठगांठ कुछ नेताओं से हो गई है। इनके रहते निष्पक्ष चुनाव करना संभव नहीं है। कांग्रेस नेता रईस अहमद खान ने आरोप लगाया है कि खंड शिक्षा अधिकारी फरेंदा सात वर्ष से एक ही स्थान पर कार्यरत हैं। राजनीतिक दबाव में इनका स्थानांतरण नहीं किया जा रहा है। इनके रहने से लोकसभा चुनाव प्रभावित हो सकता है। इसी प्रकार से प्रतिदिन पांच से दस शिकायतों की जांच आयोग से आ रही है। इसमें अधिकारियों पर राजनीति दलों के पक्ष में कार्य करने का आरोप लगाया जा रहा है।