नेपाल : बाढ़ व भूस्खलन में फंसे 856 भारतीय ट्रकों को निकाला गया
महराजगंज/सोनौली। नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन के दौरान करीब दस दिनों से नेपाल के राजमार्ग पर फंसे करीब 856 भारतीय ट्रक वापस भारत लौट आए हैं । बर्दधाट मुगलिन में सड़क डायवर्जन के कारण भारी वाहनों को अभी भी काठमांडू पहुंचने में 24 घंटे लग रहे हैं।
रूपनदेही जिला सूचना अधिकारी दिलीप गिरी ने बताया कि भूस्खलन के कारण रास्ते मे फंसे करीब 856 भारतीय वाहन बिहार, राजस्थान, गुजरात, यूपी, आंध्र प्रदेश, उड़ीसा, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, महाराष्ट्र, दिल्ली, तेलंगाना, हरियाणा, पंजाब और जम्मू-कश्मीर को निकाल कर भेज दिया गया है। रास्ता खराब होने के कारण भारी वाहनों को दो दिन लग रहे हैं।
यात्री वाहनों का आवागमन सामान्य बन गया है। रविवार की सुबह कुछ स्थानों पर मामूली भूस्खलन हुआ था जिसे साफ किया गया। नागधुंगा-नौबिस मार्ग खंड पर कुछ जगहों पर भूस्खलन के कारण सड़कें अभी भी खराब हैं।
कहीं-कहीं भूस्खलन से सड़क खंड अस्त-व्यस्त हो गया है। सामान्य बारिश के दौरान भी भूस्खलन के कारण सड़कें बंद हो गई हैं। भूस्खलन के बाद अगर सड़क खोली भी जाती है, तो भारी वाहनों की वजह से काफी जाम लग जाता है। पहले इस सड़क खंड को चौड़ा किया गया लेकिन अब भूस्खलन के कारण सड़क फिर से सकरी हो गई है।
सोनौली सीमा पर लगा 12 किलोमीटर लंबा जाम
नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन के बाद सोनौली सीमा पर मालवाहक ट्रकों का सोनौली से नौतनवां टोल प्लाजा तक करीब 12 किलोमीटर लंबा जाम लग गया है। इसके मद्देनजर नेपाल प्रशासन भंसार पार्किंग में जगह बना कर जाम को समाप्त करने में लगा है। बेलहिया कस्टम प्रवक्ता तीर्थराज पासवान ने बताया कि युद्ध स्तर पर बेलहिया कस्टम में डंप हुए सामानों को गंतव्य तक भेजा जा रहा है जिससे भारतीय क्षेत्र में लगी लंबी लाइन को समाप्त किया जा सके।