परतावल/मुजुरी। बुधवार को श्यामदेउरवा थाना क्षेत्र के नटवा जंगल टोला विलरूआ गांव में बुधवार को जैसे ही असम रायफल में तैनात हवलदार रघुनाथ का शव आया तो पूरे गांव में कोहराम मच गया। पत्नी कालिंदी और बच्चों का रो-रो कर बुरा हाल है। रघुनाथ के अंतिम दर्शन के लिए आसपास के लोगों का तांता लग गया। सबकी जुबान पर रघुनाथ की खूबियों की चर्चा रही।
18वें असम रायफल मणिपुर के चंडेल में तैनात रघुनाथ (55) की सोमवार की सुबह परेड के दौरान तबीयत बिगड़ी। साथियों ने हास्पिटल में भर्ती कराया। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। डॉक्टर ने हार्टअटैक से मौत होने की पुष्टि की। सोमवार को रात में ही घर पर मौत की सूचना दी गई।
असम रायफल के सूबेदार मोहन रामनायन ने हवलदार रघुनाथ का पार्थिव शरीर लेकर नटवा जंगल टोला विलरूआ आए। परिवार वालों की चीख सुनकर लोग गमगीन हो गए। रघुनाथ के शव को दाह संस्कार के लिए ले जाया गया। उनकी बेटी पिंकी, अंगिरा और पुत्र पिंटू, अमित व रंजीत ने कंधा दिया तो पूरा माहौल गमगीन हो गया। नटवा जंगल में घाट पर सूबेदार मोहन रामनायन और गोरखपुर गोरखा रेजिमेंट के सूबेदार रामबहादुर गुरूंग, हवलदार विजेंद्र कुमार गुरूंग, सिपाही विशाल क्षेत्रीय, मनप्रसाद निबुन, विमलरायी ने गार्ड ऑफ ऑनर और सलामी दी। इस दौरान एसडीएम सदर देवेश गुप्त, सीओ सदर मुकेश प्रताप सिंह, इंस्पेक्टर श्यामदेउरवा रामपाल यादव, ब्लॉक प्रमुख परतावल हरिशंकर वर्मा आदि उपस्थित रहे।