महराजगंज। जिले में समितियां पर 51813 हजार एमटी अधिक यूरिया वितरित हो चुकी है। बावजूद इसके खाद के लिए लगने वाली कतार कम होने का नाम नहीं ले रही है। जिले में 261 किसान ऐसे चिह्नित हैं, जिन्होंने जोत रकबा से अधिक खाद लिया है।
खाद अधिक लेने के कारणों की जांच की जा रही है। वहीं अब कतार में खड़े होने वालों की जांच की जा रही है। बेवजह कोई कतार में मिला तो कार्रवाई की जाएगी। दूसरी ओर सीमावर्ती क्षेत्र में खाद की बरामदगी भी हो रही है। केंद्रों पर भीड़ लगने का यह भी एक प्रमुख कारण माना जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, पिछले साल 15 अगस्त तक यूरिया की खपत 48813 एमटी हुई थी, जबकि इसी अवधि में इस वर्ष किसानों को 51813 हजार एमटी अधिक यूरिया उपलब्ध करवाई गई है। इसी प्रकार डीएपी, फास्फेट आदि को पिछले वर्ष की तुलना में अधिक मात्रा में उपलब्ध कराया गया है। पिछले वर्ष की तुलना में 3000 एमटी खाद ज्यादा खपत हो गई है।
वर्तमान में जनपद में 5544 एमटी यूरिया का स्टॉक उपलब्ध है, जिसका वितरण समितियों और निजी विक्रेताओं के माध्यम से किया जा रहा है। प्रशासन के अनुसार, जिले में खाद की किल्लत इस वजह से है की एक ही किसान कई बार सेंटर पर खाद लेने पहुंच रहे हैं। प्रशासन की ओर से ऐसे किसानों को चिह्नित किया गया है।
वहीं दूसरी ओर सेंटर पर भीड़ का कारण तस्करी होना भी माना जा रहा है। एक साधन सहकारी समिति पर औसतन 350 से 400 बोरी खाद उपलब्ध है।
यहां खाद लेने वाले किसानों की संख्या करीब 500 से 600 के बीच होती है। सीमावर्ती क्षेत्र की समितियों पर भीड़ अधिक है।
साधन सहकारी समिति बहदुरी के सचिव राजेश ने बताया कि संख्या बढ़ने पर समस्या हो रही है। टोकन देकर खाद दिया जा रहा है। सभी लोगों को एक साथ खाद दे पाना संभव नहीं है। स्टाक की कमी नहीं है। समय से समिति को खाद उपलब्ध हो रही है। दूसरी ओर निजी दुकानदारों को भी मानक के अनुसार खाद दी जा रही है। बडहरा गांव के राजू ने बताया कि भीड़ के वजह से समस्या हो रही है।
समिति पर दो से तीन बार जाने में खाद मिल पा रही है। वहीं सिंदुरियां के राजेश पाठक कहते हैं कि यह समस्या हर हाल होती है। काफी भागदौड़ करने पर खाद मिलती है। उधर, बार्डर क्षेत्र में समय-समय पर खाद की बरामदगी भी सुरक्षा एजेंसियां कर रहीं हैं।