शहीद के गांव में नहीं जले चूल्हे
माहौल गमगीन, गर्व भी महसूस कर रहे लोग
परिजनों से मिलने पहुंचे जनप्रतिनिधि, समाजसेवी और प्रशासनिक अधिकारी
अमर उजाला ब्यूरो
फरेंदा। पुलवामा में आतंकी हमले में शहीद फरेंदा क्षेत्र के हरपुर निवासी सीआरपीएफ के जवान पंकज त्रिपाठी के गांव का माहौल गमगीन हो गया। सूचना के बाद गांव में चूल्हे नहीं जले। लोग शहीद के घर पहुंच कर पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाते रहे। परिवार के सदस्यों के रोने की आवाज सुन लोगों की आंखें नम हो गईं।
फरेंदा के हरपुर निवासी पंकज त्रिपाठी देश सेवा के साथ ही परिवार के भरण पोषण के लिए सीआरपीएफ में भर्ती हुए। बृहस्पतिवार को पुलवामा में हुए आतंकी हमले में सैनिकों के शहीद होने की सूचना पर घर के लोगों ने भी बेटे की कुशलता की जानकारी लेनी चाही। पता चला कि हरपुर गांव का बेटा भी आतंकी हमले में शहीद हो गया। देर रात परिवार व क्षेत्र के लोगों को इसकी जानकारी हुई तो लोग शोक में डूब गए। लोग शहीद के परिजनों को ढांढस बंधाने के लिए गांव पहुंचने लगे। थोड़ी ही देर में गांव में अधिकारियों, राजनीतिक दलों व समाजसेवियों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। गांव के युवाओं ने पंकज त्रिपाठी के शहीद होने पर गम जताते हुए आतंकी हमले की निंदा की। लोगों को देश की सेवा करते हुए पंकज के शहीद होने पर गर्व भी महसूस हो रहा था। उनकी आंखें तो नम थीं लेकिन देश के लिए शहीद होने वाले लाल पर फख्र था। सूचना पर एसपी रोहित सिंह साजवान, तहसीलदार अशोक कुमार गुप्ता, कांग्रेस नेता वीरेंद्र चौधरी, ब्लॉक प्रमुख रामप्रकाश सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष त्रिभुवन नरायन मिश्रा, नगर पंचायत अध्यक्ष राजेश जायसवाल, विवेका पांडेय, अमित चौबे, प्रदीप सिंह, हृदय नरायन पांडेय, डीएन मिश्रा, ग्राम प्रधान जितेंद्र यादव, शिववचन जायसवाल, डब्बू सिंह, पप्पू यादव, कौशलेश मिश्रा, अम्बुज सिंह, लक्ष्मन यादव, हनुमान गुप्ता आदि ने भी गांव पहुंचकर परिजनों को ढांढस बंधाया।