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राष्ट्रीय लोक अदालत में सर्वाधिक 47,652 वाद निस्तारित

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न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का फिता काट कर शुभारंभ करते जिला जज व डीएम सत्येंद्र कुमा? - फोटो : MAHARAJGANJ
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राष्ट्रीय लोक अदालत में सर्वाधिक 47,652 वाद निस्तारित
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मोटर दुर्घटना प्रतिकर वादों में 1,41,80,000 रुपये क्षतिपूर्ति के रूप में दिलाए गए, 37,33,919 रुपये जुर्माना वसूल किया गया
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। स्थानीय दीवानी न्यायालय समेत फरेंदा, कलेक्ट्रेट व तहसील न्यायालय परिसरों में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। साथ ही आजादी का अमृत महोत्सव के अंतर्गत स्वतंत्रता सप्ताह, हर घर तिरंगा कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत में 47,652 वादों का निस्तारण किया गया, जो इस जनपद की अब तक राष्ट्रीय लोक अदालत में निस्तारित वादों की अधिकतम संख्या है।
मोटर दुर्घटना प्रतिकर वादों में 1,41,80,000 रुपये क्षतिपूर्ति दिलाया गया और 37,33919 रुपये अर्थदंड के रूप में वसूल किया गया। 2,46,230 रुपये का उत्तराधिकार प्रमाण-पत्र जारी किया गया।
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राष्ट्रीय लोक अदालत के शुभारंभ के बाद जनपद न्यायाधीश जय प्रकाश तिवारी, जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार, पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ एवं समस्त न्यायिक अधिकारियों ने दीवानी न्यायालय परिसर में पौधरोपण भी किया।
प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय ने 87 वैवाहिक वादों का निस्तारण किया। पीठासीन अधिकारी मोटर दुर्घटना प्रतिकर न्यायाधीकरण की ओर से 84 वादों का निस्तारण कर 1,41,80,000 रुपये की क्षतिपूर्ति दिलवाई गई। अध्यक्ष स्थाई लोक अदालत की ओर से 8 वादों का निस्तारण किया गया। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की ओर से 9 वादों का निस्तारण किया गया।
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने सात वादों का निस्तारण किया। विशेष न्यायाधीश, अनन्य न्यायालय (पोक्सो अधिनियम) की ओर से तीन वादों का निस्तारण किया। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश त्वरित न्यायालय की ओर से 82 वादों का निस्तारण किया गया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने 2003 वादों का निस्तारण किया। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने 485 वादों का निस्तारण किया। 30,220 रुपये जुर्माना वसूल किया गया।
लोक अदालत में 24,87,372 रुपये का उत्तराधिकार प्रमाणपत्र जारी किया गया। अपर सिविल जज, प्रवर खण्ड की ओर से 311 वादों का निस्तारण किया गया। न्यायाधिकारी, ग्राम न्यायालय, तहसील नौतनवां की ओर से 27 वादों का निस्तारण किया। सिविल जज अवर खंड द्वारा 98 वादों का निस्तारण किया गया। सिविल जज अवर खंड, फरेंदा की ओर से 977 वादों का निस्तारण किया गया। न्यायाधिकारी, ग्राम न्यायालय, तहसील निचलौल द्वारा 4 बादों का निस्तारण किया गया। न्यायिक मजिस्ट्रेट की ओर से 542 वादों का निस्तारण किया गया।
इस दौरान प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय सुनील कुमार, पीठासीन अधिकारी, मोटर दुर्घटना प्रतिकर न्यायाधिकरण संजय कुमार यादव, अध्यक्ष, स्थाई लोक अदालत राघवेंद्र मणि त्रिपाठी, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, सुंदर लाल, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, पवन कुमार श्रीवास्तव, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश त्वरित न्यायालय, चंद्रमोहन श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
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राष्ट्रीय लोक अदालत के अवसर पर अध्यक्ष, स्थाई लोक अदालत राघवेन्द्र मणि त्रिपाठी की अध्यक्षता में न्यायपीठ की सदस्य गुंजा राय, प्रियंका तिवारी की ओर से आठ वादों का निस्तारण किया गया। क्षतिपूर्ति के रूप में 7,79,516 रुपये दिलाए गए।
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