महराजगंज। मौसम का रूख बदलने के साथ तापमान में गिरावट के चलते सांस रोगियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। लिहाजा बदलते मौसम में अस्पतालों में मरीजों की भीड़ बढ़ गई है। इनमे सबसे ज्यादा वह मरीज हैं, जिन्हें पहले से सांस व दमा की परेशानी है।
मौसम की इस उठापटक में यूं तो सभी तरह के मरीज यूं तो सभी तरह के मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं, इसमें सबसे ज्यादा संख्या सर्दी, जुकाम और बुखार के साथ ही सांस फूलने की बीमारी वाले मरीजों की है। जिला अस्पताल में पंजीकरण के आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो सिर्फ जिला अस्पताल में ही इन दिनों करीब 1200 मरीजों से ज्यादा लोग पहुंच रहे हैं। इसमें 70 फीसद केस फिजीशियन और स्किन से जुडे़ हैं। सीएमएस डॉ. आर.बी. राम बताते हैं कि दमा और सांस रोगियों को एलर्जी से बचना चाहिए। मौसम में उतार चढ़ाव और नमी लोगों को बीमार कर रही है। इससे लोगों को परेशानी हो रही है। मास्क का इस्तेमाल करें। मौसम में जरा सी लापरवाही आपको बीमार कर सकती है। बाहर निकलते वक्त सिर के साथ ही शरीर को भी ढक कर चलें। इस समय सबसे अधिक परेशानी सुबह में मार्निग वॉक करने वालों को हो रही है। इसमें एक बड़ी तादाद बुजुर्गों की है, जो रोजाना टहलने के लिए बाहर निकलते हैं। इस दौरान बाहर टहलने वाले लोगों को काफी परेशानी हो रही है। वह अस्पताल पहुंच रहे हैं। इससे त्वचा से संबंधित समस्या भी हो रही है। वहीं डॉक्टर्स की माने तो ठंड के चलते कई लोगों की आंखे भी लाल हो रही हैं।
क्या बरतें सावधानी
डॉक्टर एएम भाष्कर ने कहा कि पूरे शरीर को ढककर निकले, धूप निकलना शुरू न हो जाए तब तक बाहर न निकलें, नाक मुंह पर कपड़ा बांधकर ही सुबह घूमने के लिए जाए। उन्होंने कहा कि ज्यादा समस्या आठ साल से छोटे बच्चों व 50 साल से ज्यादा उम्र के दमा या अस्थमा के मरीज व हृदय रोगियों को होती है। दीपावली के बाद प्रदूषण के स्तर में थोड़ा इजाफा हो गया। सांस के रोगियों के लिए समस्या हो सकती है।