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यूक्रेन में फंसे हैं जिले के चार छात्र, परिजन परेशान

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यूक्रेन में फंसे हैं जिले के चार छात्र, परिजन परेशान
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रूस के हमले के बाद यूक्रेन के हालात खराब हो गए हैं। ऐसे में डॉक्टरी की पढ़ाई के लिए यूक्रेन गए जिले के चार बच्चे परेशान हैं। हॉस्टल में रह रहे इन विद्यार्थियों के पास भोजन का संकट होने लगा है। हवाई सेवा बंद होने से देश भी नहीं आ पा रहे हैं। दूसरी ओर यूक्रेन में स्थिति बिगड़ती जा रही है। इधर परिजन भी परेशान हैं। दिन में दो से तीन बार फोन करके अपने बच्चों का हालचाल ले रहे हैं। केंद्र सरकार से बच्चों को स्वदेश लाने की अपील कर रहे हैं।
डरा रहे हैं यूक्रेन के ताजा हालात
फरेंदा। निरालानगर निवासी श्रीधर शुक्ला का बेटा नवीन यूक्रेन के कीव शहर में फंस गया है। नवीन कीव में एमबीबीएस की पढ़ाई करता है। यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद से नवीन काफी परेशान है। ताजा हालात काफी डरावने हैं।
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नवीन के पिता श्रीधर शुक्ला ने बताया कि शुक्रवार सुबह बेटे से फोन पर बात हुई तो कलेजा दहल गया। कीव शहर में रूसी सैनिक पहुंच गए हैं। बेटा कालेज के हॉस्टल में रह रहा है, जहां भोजन का संकट पैदा हो गया है। यूक्रेन सरकार छात्रों की मदद नहीं कर पा रही है। ऐसे में छात्रों में दहशत है। नवीन ने बताया कि वह सुरक्षित है, लेकिन खतरा बना हुआ है। श्रीधर ने बताया कि यूक्रेन की ताजा स्थिति से काफी डर लग रहा है। भारत सरकार प्रयास करे तो छात्रों को घर वापसी हो सकती है। संवाद
भारतीय दूतावास कर रहा छात्रों को लाने का प्रयास
सिसवा बाजार। यूक्रेन शहर के इवानो मेडिकल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस की चौथे वर्ष की छात्रा हुस्नआरा भी फंस गईं हैं। उनकी सलामती के लिए परिजन काफी परेशान हैं। पिता निजामुद्दीन अंसारी ने बताया कि भारतीय दूतावास ने छात्रों को यूक्रेन से हंगरी के रास्ते निकालने के लिए सूची जारी की है, जिसमें हुस्नआरा का भी नाम है, लेकिन अब तक उसे नहीं निकाला जा सका है। कुछ पता भी नहीं चल पा रहा है। तीन संतानों में हुस्नआरा सबसे बड़ी है। माता जमीरूनिशा बेटी की सलामती के लिए दुआं मांग रही हैं। संवाद
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दिन में दो-तीन पर फोन से कर रहे बेटा-बेटी से बात
सिसवा बाजार। डॉ केदार नंदन की बेटी आकांक्षा और बेटा राहुल भी यूक्रेन में मेडिकल के विद्यार्थी हैं। यूक्रेन के हालात पर इनके परिजन काफी परेशान हैं। प्रतिदिन दो से तीन बार फोन से बच्चों की कुुशलता की जानकारी ले रहे हैं। आकांक्षा के पिता ने बताया कि शुक्रवार को फोन से बात हुई तो पता चला कि हालात बिगड़ते जा रहे हैं। बच्चे 15 दिनों की खाद्य सामग्री लेकर कमरे में रुके हैं। बच्चों की सलामती के लिए लोग भगवान से प्रार्थना कर रहे हैं। सरकार से भी बच्चों को कुशल पूर्वक देश लाने की मांग कर रहे हैं। संवाद
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