केंद्र में शुक्रवार को 9 बच्चे भर्ती मिले, बच्चों के खान-पान का रखा जाता है विशेष ध्यान
14 दिनों तक बच्चों को भर्ती करके किया जाता है उपचार
महराजगंज। जिला अस्पताल परिसर में संचालित पोषण पुनर्वास केंद्र जनपद के कुपोषित बच्चों के लिए जीवनदायिनी साबित हो रहा है। यहां गंभीर कुपोषण से ग्रस्त बच्चों को भर्ती कराकर विशेष आहार और चिकित्सकीय देखभाल के माध्यम से उनका उपचार किया जाता है।
केंद्र में कुल 10 बेड उपलब्ध हैं, इनमें शुक्रवार को 9 मरीज भर्ती मिले। केंद्र में डॉ. जी चंद्रा की तैनाती है। स्टाफ नर्स किरन, दाई दुर्गावती, कुक रीना और वार्ड आया पूनम तैनात हैं। यहां बच्चों को संतुलित और पौष्टिक आहार उपलब्ध कराया जाता है। सुबह 8 बजे हलवा, 11 से 12 बजे के बीच दूध, दोपहर 3 बजे खिचड़ी, शाम 6 बजे साबूदाना और रात 9 बजे तथा 11 बजे दूध दिया जाता है। कभी-कभी चुकंदर का हलवा, कद्दू का हलवा, गाजर का हलवा, दलिया या मूंग का हलवा भी परोसा जाता है। ये विशेष डायट बच्चों के वजन और स्वास्थ्य में तेजी से सुधार लाती है।
जनवरी में 12 कुपोषित बच्चे कराए गए थे भर्ती
जनवरी माह में केंद्र में 12 कुपोषित बच्चे भर्ती कराए गए और सभी स्वस्थ होकर घर लौट गए। फरवरी में भी 14 बच्चे भर्ती हुए और सभी स्वस्थ होकर डिस्चार्ज किए गए। मार्च माह में अब तक 14 बच्चे भर्ती हुए हैं, इनमें से 5 स्वस्थ होकर घर जा चुके हैं, फिलहाल 9 बच्चे केंद्र में भर्ती हैं।
केंद्र पर 14 दिन रखे जाते हैं कुपोषित बच्चे
कुपोषित बच्चों को न्यूनतम 14 दिन तक केंद्र में रखा जाता है। 15वें दिन उन्हें स्वस्थ घोषित कर छुट्टी दे दी जाती है। इस दौरान मां का खाना भी पूरी तरह फ्री प्रदान किया जाता है। अगर बच्चे का फॉलोअप किया जाता है तो हर दिन के लिए 100 रुपये की दर से लाभार्थी के बैंक खाते में तीन महीने बाद पैसे ट्रांसफर कर दिए जाते हैं। यह प्रोत्साहन राशि माता-पिता को बच्चों के नियमित फॉलोअप के लिए प्रेरित करती है। सीएमएस डॉ. एके द्विवेदी का कहना है कि पोषण पुनर्वास केंद्र कुपोषण की समस्या को जड़ से खत्म करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। विशेष आहार, नियमित चिकित्सकीय निगरानी और माता-पिता की भागीदारी से बच्चे तेजी से स्वस्थ हो रहे हैं। केंद्र के स्टाफ द्वारा हर बच्चे की व्यक्तिगत देखभाल की जा रही है।