एक महिला डॉक्टर की हुई तैनाती, 28 हजार की आबादी को मिलेगा लाभ
बारिश के दौरान नाव के सहारे अस्पताल जाते हैं मरीज
महराजगंज। आजादी के बाद से अब तक एक अस्पताल के लिए तरस रहे सोहगीबरवा को सीएचसी के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। 2 अक्टूबर 1989 को महराजगंज जिला बना लेकिन जिले के सोहगीबरवा को अस्पताल नहीं मिला। जिला बनने के 37 साल बाद सोहगीबरवा को अब सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मिलने जा रहा है।
सोहगीबरवा केवल एक गांव नहीं बल्कि सोहगीबरवा, शिकारपुर और भोतहा गांव समेत नेपाल व बिहार सीमा से जुड़े दर्जनों गांवों का प्रमुख केंद्र है। इन गांवों के हजारों ग्रामीण वर्षों से इलाज के लिए पड़ोसी देश नेपाल और बिहार के बगहा पर निर्भर रहे हैं। सबसे अधिक परेशानी बाढ़ के मौसम में होती है।
चारों ओर पानी भर जाने से शिकारपुर से बिहार सीमा तक बहने वाले रोहुआ नाले को नाव के सहारे पार करना ग्रामीणों की मजबूरी बन जाती है। कई बार मरीजों को घंटों तक नाव का इंतजार करना पड़ता है, जिससे समय पर इलाज नहीं मिल पाता और जान का खतरा बढ़ जाता है। जिम्मेदारों ने उम्मीद जताई है कि अगस्त के अंत तक सीएचसी का संचालन शुरू हो जाएगा।
5.86 करोड़ की लागत से बना सीएचसी का भवन
चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की ओर से सोहगीबरवा में करीब 5.86 करोड़ रुपये की लागत से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण पूरा कर लिया गया है। भवन तैयार होने के साथ ही अस्पताल के संचालन की तैयारियां भी अंतिम चरण में हैं। आवश्यक चिकित्सा उपकरणों की खरीदारी कर ली गई है । यहां पर एक महिला चिकित्सक की तैनाती भी कर दी गई है। अब केवल इस सीएचसी के उद्धाटन का इंतजार है।
70 किमी दूर है सदर अस्पताल
सोहगीबरवा क्षेत्र लंबे समय से स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव से जूझ रहा था। यहां प्रसव, दुर्घटना या अन्य गंभीर बीमारी की स्थिति में मरीजों को तत्काल करीब 70 किमी दूर स्थित सदर अस्पताल ले जाना पड़ता था। दूरी अधिक होने और सड़क मार्ग बेहतर न होने के कारण कई बार मरीजों की हालत रास्ते में ही बिगड़ जाती थी और उनकी जान पर बन आती थी। सीएचसी शुरू होने के बाद लोगों को अपने ही क्षेत्र में इलाज की सुविधा मिल सकेगी।
वर्जन
सीएचसी भवन पूरी तरह तैयार है। आवश्यक उपकरणों की खरीद हो चुकी है और एक डॉक्टर की तैनाती भी कर दी गई है। शेष मानव संसाधन उपलब्ध होते ही अगस्त माह के अंत तक अस्पताल का संचालन शुरू कर दिया जाएगा।
- डॉ. सुरेंद्र कुमार चौधरी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी महाराजगंज