दहेज हत्या के मामले में तीन को आजीवन कारावास व अर्थदंड की सजा
महराजगंज। अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम महेश कुमार कुशवाहा ने शुक्रवार को दहेज हत्या के मामले में अहम फैसला सुनाई। पांच वर्ष पूर्व सदर कोतवाली में हुए दहेज हत्या के मामले में पर्याप्त साक्ष्य पाकर उन्होंने अपना फैसला दिया।
घटना की वादी व मृत पुष्पा की मां ने सदर कोतवाली में 10 जून 2016 को प्रार्थना पत्र देकर कहा था कि उसकी पुत्री का प्रेम विवाह बड़हरा रानी खास के फरमान पुत्र अल्ताब के साथ हुआ था। लड़की की खुशी को देेखते हुए उनके परिवार ने कोई गुरेज नहीं किया। बाद में फरमान, अल्ताब, इसलामुन समेत परिवार के अन्य सदस्यों ने उनकी पुत्री पुष्पा को दहेज के लिए प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। जिसके बारे में पुष्पा ने अपने माता-पिता को बताया था। उनका कहना था कि सभी ने मिलकर उनकी पुत्री को नौ जून 2016 को दिन में मार दिया। मामले में कोतवाली पुलिस ने दहेज हत्या का मामला दर्ज हुआ। विवेचना के उपरांत पुलिस ने न्यायालय में पति समेत तीन लोगों के विरुद्ध आरोप पत्र दाखिल किया। अभियोजक पूर्णेंद्र राम त्रिपाठी, सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता संतोष कुमार मिश्रा ने कुल 14 गवाहों का बयान दर्ज कराया। दोनों पक्षों को सुनने के उपरांत अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम ने तीनों अभियुक्तों के विरुद्ध आजीवन कारावास व अर्थदंड की सजा सुनाई है।