महराजगंज जिले के परसामलिक थाना क्षेत्र के एक गांव में नौ वर्ष पूर्व हुए सामूहिक दुष्कर्म के मामले में विशेष न्यायाधीश विनय कुमार सिंह के न्यायालय ने आरोपी को बीस वर्ष सश्रम कारावास व दस हजार अर्थदंड की सजा सुनाई है। विचारण के दौरान सहआरोपी को बाल अपचारी घोषित किया जा चुका है।
पीड़िता ने परसामलिक थाने में तहरीर दी थी कि दो जुलाई 2013 को 11 बजे थाना क्षेत्र के ग्राम असुरैना टोला मल्लूडिहवा के राणा प्रताप यादव एवं सदानंद यादव पहुंचे तथा उसके पति को पूछने लगे। उसने कहा कि पति घर पर नहीं हैं। यह सुन कर दोनों घर में घुस गए तथा छेड़खानी करने लगे। पुलिस ने मामले में छेड़खानी के तहत मुकदमा पंजीकृत कर लिया।
विवेचना के दौरान दोनों आरोपियों के विरुद्ध सामूहिक दुष्कर्म व मारपीट की धारा बढ़ाते हुए आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया गया। विचारण के दौरान विशेष लोक अभियोजक विजय नरायन सिंह ने नौ गवाहों तथा दस दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत कर सजा की मांग की। विशेष न्यायाधीश के न्यायालय ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर बीस वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।