महराजगंज। शहर में इन दिनों बिजली कटौती से लोग परेशान हैं। सुबह 10 बजे से बिजली के आने-जाने का सिलसिला शुरू होता है, तो दोपहर बाद तक जारी रहता है। उमस भरी गर्मी में बिजली से सभी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। 40 हजार की आबादी इस समस्या के परेशान हैं, लेकिन समाधान के लिए बिजली निगम की ओर से कोई पहल नहीं की जा रही है। 12 मोहल्लों में लो वोल्टेज की समस्या से लोग जूझ रहे हैं। मोटर नहीं चल पाने के कारण टंकी में पानी भर पा रहा है। वहीं तमाम घरों में आरओ बेकार पड़ा हैं। लोगों को इंडिया मार्का हैंडपंप से पानी लेना पड़ रहा है। रात में लो वोल्टज के कारण पंखा धीरे चलता है कि हवा भी ठीक ढंग से नहीं लगती है। शहर के लोगों में बिजली निगम की उदासीनता को लेकर गुस्सा है। लोग कभी भी आंदोलन कर सकते हैं। अनियमित बिजली कटौती से लोगों को काफी दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। लोगों की नियमित दिनचर्या बिगड़ गई है।
श्याम कुमार ने कहा कि प्रदेश सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे और जिला मुख्यालयों पर 24 घंटे बिजली देने के निर्देश दिया है, लेकिन शेड्यूल के मुताबिक पूरी बिजली नहीं दी जा रही है। गर्मी में निर्बाध बिजली आपूर्ति के दावे किए थे, लेकिन गर्मी की शुरुआत में ही दावे फेल हो गए।
विक्की जालान ने कहा कि कम लो वोल्टेज के कारण घरों में लगे इनवर्टर, फ्रिज, कूलर, टीवी इलेक्ट्रॉनिक सामान भी मात्र शोपीस बनकर रह गए हैं। लोहिया, आजाद नगर, सरोजनी नगर, शास्त्रीनगर, नेहरू नगर, मऊपाकड समेत अन्य मोहल्ले में भी बिजली कटौती से लोग परेशान हैं।
संदीप कुमार गुप्ता कहते हैं कि दिन में उमस ज्यादा हो रही है। बिजली दिन भर आती जाती रहती है। इंर्वटर भी चार्ज नहीं हो पा रहा है। रात में लो वोल्टेज से समस्या हो रही है। उमस के कारण नीद भी नहीं पूरी हो रही है। अगर ऐसे ही रहा तो स्वास्थ्य पर असर पड सकता है।
अभिषेक पांडेय ने कहा कि टंकी में पानी नहीं रहने के कारण हैंडपंप का सहारा लेना पड़ रहा है। आरओ भी बंद पडा है। वोल्टेज इतना भी नहीं है कि आरओ चल सके। इस परेशानी पर बिजली निगम को चिंता नहीं है।
एक्सईएन हरिशंकर ने बताया कि शेड्यूल के मुताबिक बिजली दी जा रही है। लोकल फाल्ट के वजह से कभी कभार दिन में बिजली कट जाती है। प्रयास यही रहता है कि शहर में बेहतर ढंग से बिजली मिल सके। लो वोल्टेज की समस्या को दूर करने का प्रयास चल रहा है।
बिजली के समानों के विक्रेता सुमित वर्मा बिजली कटौती से परेशान हैं। उन्होंने कहा कि कटौती से कारोबार प्रभावित हो रहा है। अगर कोई ग्राहक कूलर खरीदने आता है तो उसे चलाकर दिखाना पड़ता है। ऐसे में बिजली नहीं रहने पर खरीदार लौट जाते हैं।