नवलपरासी। रोजगार के नाम पर विदेश भेजने के लिए भारत लाई गईं 150 से अधिक नेपाली महिलाओं को वाराणसी में किसी अज्ञात स्थान पर ‘कैद’ करके रखा गया है। मामले की जानकारी तब हुई जब बंधक बनाकर रखी गई एक महिला ने चुपके से फोन कर अपने पति को मामले की जानकारी दी। पति ने तत्काल प्रहरी कार्यालय से संपर्क साधा। इस मामले में महिलाओं की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की गई है। नेपाली प्रशासन इनकी रिहाई के प्रयास में जुट गया है। उन्होंने वाराणसी के जिलाधिकारी से भी बातचीत की है।
नेपाल से लाई गईं सारी महिलाएं बर्दिया (मधुवन) की रहने वाली हैं। इन्हें विदेश में रोजगार दिलाने का झांसा देकर भारत लाया गया है। ये महिलाएं दलालों के माध्यम से भारत पहुंची हैं। यहां आने के बाद इन महिलाओं को वाराणसी लाया गया और यहां एक अज्ञात मकान में बंधक बना लिया गया। एक महिला ने किसी तरह फोन से अपने पति से संपर्क साधा। उसने बताया कि 150 से अधिक नेपाली महिलाओं को वाराणसी में किसी मकान में कैद करके रखा गया है। महिला के पति ने तत्काल इसकी सूचना प्रहरी कार्यालय को दी।
प्रहरी नायब उपनिरीक्षक युवराज खड़का ने बताया कि छानबीन में नेपाली महिलाओं को भारत ले जाने की जानकारी मिली है। इस तरह से ले जाई गईं 34 महिलाओं का पता चल चुका है। 150 अन्य महिलाओं के भारत में होने की सूचना मिली है। प्रमुख जिलाधिकारी रामबहादुर कुरुंबाड़ ने बताया कि नेपाली महिलाओं को वाराणसी में किसी स्थान पर कैद करके रखा गया है। इनकी रिहाई के लिए भारतीय प्रशासन से संपर्क साधा गया है। वाराणसी के जिलाधिकारी से भी बातचीत की गई है। सामाजिक संस्था भी महिलाओं की रिहाई के प्रयास में जुटे हुए हैं। मोबाइल लोकेशन के आधार पर महिलाओं की तलाश की जा रही है।