महराजगंज। जिले के परिषदीय स्कूलों में आग से बचाव के लिए लगे अग्निशमन यंत्र महज दिखावा बनकर रह गए है। पांच साल पहले विभाग द्वारा स्कूलों में अग्निशमन यंत्र लगाने का निर्देश दिया गया था। लेकिन इसके बाद यंत्र की रिफलिंग नहीं हुई, जिससे अब अगर स्कूलों में आग लगे तो यह यंत्र बेकार साबित होंगे।
वर्ष 2012 में जिले में परिषदीय स्कूलों में अग्निशमनयंत्र लगवाने के लिए विभाग द्वारा निर्देश दिया गया था। स्कूलों को अग्निशमन यंत्र, बाल्टी और स्टैंड की खरीद करनी थी। शहरी क्षेत्र में तो मानक के अनुरूप स्कूलों में अग्निशमन यंत्र की खरीद की गई थी। लेकिन ग्रामीण इलाके में तो स्कूलों में केवल अग्निशमन यंत्र की खरीद हो सकी। पांच साल से अधिक गुजर गए लेकिन आज तक स्कूलों में लगे अग्निशमन यंत्र की रिफलिंग नहीं कराई गई, जबकि इसकी रिफलिंग की समयावधि तीन साल है। ऐसे में यह गुणवत्ता विहीन हो चुके हैं। लेकिन विभाग द्वारा इस दिशा में ध्यान नहीं दिया जा रहा है। गर्मी के मौसम में अक्सर स्कूलों के किचन में आग लगने की घटना सामने आती है। कोई भी ऐसा सत्र नहीं है जब चार छह घटनाएं आग लगने की न हो। खास बात तो यह है कि अग्निशमन यंत्र निरर्थक साबित हो रहे हैं।