134 गांवों में काम को तरस रहे मनरेगा मजदूर
काम न मिलने से हो रही आर्थिक परेशानी
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। मनरेगा के रोजगार देकर मजदूरों की आर्थिक स्थिति बेहतर करने का दावा किया जा रहा है। इसके विपरीत जिले में आज भी कई गांवों में श्रमिक मनरेगा के तहत काम के लिए तरस रहे हैं। जिले में लक्ष्य के सापेक्ष मानव दिवस का सृजन नहीं हो पा रहा है। ऐसे में मजदूरों को 100 दिन काम देने का दावा कागजी साबित हो रहा है।
जिले में 923 ग्राम पंचायतें हैं। जिसमें अप्रैल माह से अब तक 134 गांवों में श्रमिकों को मजदूरी नहीं दी गई। एक भी दिन काम न मिलने से मजदूरों को आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि जिला स्तर से अधिकारी लगातार ग्राम पंचायत स्तर पर मानव दिवस का सृजन करने का निर्देश जारी कर रहे हैं। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार बृजमनगंज ब्लॉक के चार, धानी के सात, घुघली के 12, लक्ष्मीपुर के 21, सदर के एक, मिठौरा के दो, नौतनवां के 22, निचलौल के एक, पनियरा के 19, परतावल के 18, सिसवां के 23 ग्राम पंचायतों में जॉब कॉर्डधारकों को अप्रैल माह से अब तक काम नहीं दिया गया है। डीसी मनरेगा उपेंद्र प्रसाद पाल ने कहा कि संबंधित ब्लॉक के एपीओ और रोजगार सेवकों को मानव दिवस सृजित करने का निर्देश दिया गया है। अगर जल्द से जल्द श्रमिकों को काम देने का कार्य शुरू नहीं हुआ तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।