गंडक नदी का जल स्तर बढ़ने से ग्रामीण चिंतित
अमर उजाला ब्यूरो
निचलौल। नेपाल के पर्वतीय इलाकों से बारिश होने तथा वाल्मीकि बैराज से पानी छोड़े जाने के कारण गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है। इससे गंडक नदी के आसपास के गांवों में रहने वाले लोगों को बाढ़ की चिंता सताने लगी है। बंधों की धीमी गति से मरम्मत कार्य होते देख बरसात पूर्व बाढ़ से बचाव के लिए लोग अपने स्तर से ठिकाने तलाशने में जुट गए हैं।
लोगों का काहना है कि गंडक नदी में बाढ़ व उस पर बंधे पर कटान रोकने के लिए सरकार के सख्त निर्देश के बाद भी जिम्मेदार मरम्मत कार्य में तेजी नहीं ला रहे हैं। गंडक नदी के किनारे बनाए गए ए और बी गैप बांध के अलावा नेपाल बांध व लिंक बांध की कुल लंबाई लगभग 25 किलोमीटर है। नदी की धारा मोड़ने व बांध की कटान रोकने के लिए बनाए गए अधिकांश ठोकर जर्जर हालत में हैं। पिछले वर्ष नदी में आई बाढ़ की तेज धारा ने बांध के ठोकरों को तहस-नहस कर दिया था। जिसे सिंचाई विभाग ने उसी हाल में छोड़ दिया है। ऐसे में यदि पहाड़ों पर तेज बारिश हुई और गंडक का जलस्तर ज्यादा बढ़ा तो हालात बेकाबू हो सकते हैं। गंडक नदी की बाढ़ की कई वर्षों से त्रासदी झेल रहे तराई क्षेत्र के लोगों को आशंका है कि तेज बारिश हो गई तो स्थिति बिगड़ सकती है। भीषण गर्मी को देखते हुए मौसम वैज्ञानिक इस बार तेज बारिश की संभावना भी जता रहे हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि जिस तरह से बरसात पूर्व पहाड़ों पर रुक-रुक कर बारिश हो रही है, उसको देखते हुए गंडक में बढ़ते जल स्तर से निकटवर्ती गांवों के लोगों की धड़कनें बढ़ती जा रही हैं। सिंचाई खंड द्वितीय के अधिशासी अभियंता धर्मेंद्र कुमार सिंह का कहना हैं कि बांधों की मरम्मत का काम से पूरा करा लिया जाएगा। बाढ़ से पूर्व सभी तैयारी पूरी कर ली जाएगी।