निचलौल। पर्यावरण संरक्षण के लिए जिला प्रशासन की ओर से गांव से लेकर शहर तक पौधे लगाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। ऐसे में 20 जून को वन विभाग की ओर से सिंचाई विभाग की वसूली और चमनगंज पुल स्थित खाली पड़ी भूमि में पौधरोपण कराने के लिए 1500 पौधे उपलब्ध कराया गया था। अब वहां से पौधे गायब हो गए हैं।
जानकारी के अनुसार, करीब चार माह पहले जब वन विभाग ने सिंचाई विभाग को पौधे लगाने के लिए दिया, उसके बाद भी भूमि वीरान है। विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक 20 जून को सिंचाई विभाग ने चमनगंज पुल के पास और वसूली स्थित भूमि पर पौधरोपण के लिए वन विभाग से 1500 सागौन के पौधे लिए थे। लेकिन आज स्थिति यह है कि विभाग के जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते उक्त भूमि पर पौधे ही नहीं दिख रहे हैं। इससे भूमि वीरान पड़ी हुई है। उक्त भूमि पर अवैध कब्जा की कोशिश भी की जा रही है। लोगों का कहना है कि सिंचाई विभाग की जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते चमनगंज पुल के पास स्थित भूमि पर एक शख्स की ओर से कई बार कब्जा करने का प्रयास किया गया, लेकिन राजस्व विभाग और पुलिस की तत्परता के चलते शख्स मकसद में असफल रहा। इतना ही सिंचाई विभाग की भूमि पर लगे बोर्ड को भी शख्स ने उखाड़ लिया था। कुछ इसी तरह का मामला वसूली स्थित भूमि का है, जिन्हें देखते हुए दोनों जगहों की भूमि पर पौधरोपण कराना था।
निचलौल वन क्षेत्राधिकारी सुनील राव ने कहा की पौधरोपण अभियान के लिए 20 जून को सिंचाई विभाग को 1500 पौधे उपलब्ध कराए गए थे। सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता जेके मल्ल ने कहा की मामले की जांच कराकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।