महराजगंज। विकास सहित अन्य योजनाओं के लिए आई करोड़ों की धनराशि को कई विभागों ने सरेंडर कर दिया। धन सरेंडर करने में कार्यदायी संस्थाएं आगे हैं, जिन विभागों ने अपना धन नहीं खर्च किया, उन्हें 31 मार्च तक वापस करना पड़ा। कोषागार में कर्मचारी काम काज करने में जुट रहे। जरूरी बिल को निपटाने में सभी कर्मचारी लगे रहे।
31 मार्च को वित्तीय वर्ष समाप्त हो जाता है, ऐसे में सभी विभाग अपना बजट खपाने में लगे रहते हैं। जिसमें अकेले मार्च माह के अंतिम सप्ताह में करोड़ों का बजट व्यय होता है। जबकि धन खर्च नहीं होने की दशा में वापस करना होता है।
यदि धन सरेंडर करने की स्थिति पर गौर करें तो 35 करोड़ रुपये अकेले पीडब्लूडी विभाग ने सरेंडर किया है, जिसमें से 20 करोड़ लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड तो 15 करोड़ रूपये लोक निर्माण विभाग निर्माण खंड ने सरेंडर किया है। लेाक निर्माण विभाग के नोडल अधिकारी एक्सईएन सचिन कुमार ने बताया उक्त 35 करोड़ कप्तानगंज-सिसवा-निचलौल-ठूठीबारी-नौतनवां मार्ग के लिए मिला था।
इसी प्रकार जिला समाज कल्याण अधिकारी सुरेश चंद ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का दो कराड़े 90 लाख सरेंडर करना पड़ा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विवाह योजना के तहत कुल 3.22 करोड़ मिला था। जिसमें से 32 लाख खर्च हुआ। शेष 2.90 करोड़ वापस कर दिया गया। इसी क्रम में इंडो-नेपाल बार्डर सड़क निर्माण खंड ने भी करीब साढ़े छह करोड़ वापस किया है।