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प्रशासन की कार्रवाई के बाद भी नहीं डरे लेखपाल, आंदोलन उग्र

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कार्रवाई से भी नहीं डरे लेखपाल
प्रशासनिक कार्रवाई के प्रति जताई नाराजगी, जमकर की नारेबाजी
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। प्रशासन की कार्रवाई से भी लेखपाल नहीं डर रहे हैं। इस बीच सोमवार को भी लेखपालों का आंदोलन जारी रहा। प्रशासनिक कार्रवाई के प्रति नाराजगी जताते हुए छठवें दिन आंदोलन तेज करते हुए लेखपालों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सोमवार को कलेक्ट्रेट के सामने धरने पर बैठे लेखपालों ने आगाह किया कि वह कार्रवाई से नहीं डरेंगे।
लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष गजेंद्र भारती ने आगाह किया कि सरकार उनके कार्य बहिष्कार व धरने को हल्के में न ले। नौकरी से निकालने की धमकी देकर डराने की कोशिश कामयाब नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने मांग की कि सरकार उनकी मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार कर शासनादेश जारी करे।
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अशोक मिश्रा व उपेंद्र त्रिपाठी ने कहा कि सरकार भ्रामक बयानबाजी तथा धमकी देकर उनके आंदोलन को दबाने का कुचक्र रच रही है। जिसे उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ बर्दाश्त नहीं करेगा। अबकी बार आरपार की लड़ाई लड़ने को संगठन तैयार है। निलंबन और सेवा समाप्ति की नोटिस दिए जाने से कोई डरने वाला नहीं है।
सदर तहसील इकाई के अध्यक्ष लोकपति त्रिपाठी, कृष्ण मोहन यादव, रसीद अहमद, सरफराज ने कहा कि उनके आंदोलन व कार्य बहिष्कार से किसान व छात्र परेशान हैं। लगता है कि जनता की परेशानी से सरकार का कोई सरोकार नहीं रह गया है। इसीलिए शासन - प्रशासन लेखपालों का काम दूूसरे संवर्ग से कराने की बात कह रहा है।
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इस मौके पर कतवारू चंद निराला, अशोक त्रिपाठी, प्रशांतमणि त्रिपाठी, रामसेवक, रामबचन, हीरा प्रसाद, अमित यादव, बनारसी भारती, सुशील शुक्ला, सुभाष वर्मा, संजीवन वर्मा, फेकू पटेल आदि मौजूद रहे।
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