वे युवा थे। साथ जीने के सपने देखते थे। जब लगा कि सपना साकार न कर पाएंगे तो निराशा में नासमझी भरी वो राह चुनी जो दो परिवारों के लिए ताउम्र की पीड़ा बन गया। दोनों ने एक साथ ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी।
घटना शनिवार की रात स्थानीय रेलवे स्टेशन पर उत्तर प्रदेश के कानपुर-दिल्ली अप लाइन के आउटर पर रात एक बजे की है।
राजकीय रेलवे पुलिस को सूचना तो रात ही मिल गई लेकिन शवों की शिनाख्त रविवार को दिन में हो सकी। इसके लिए युवक के पास मिली डायरी काम आई।
युवक योगेंद्र यादव (23) फीरोजाबाद के नगला अमान निवासी सतीशचंद्र यादव का बेटा निकला। युवती की शिनाख्त पिंकी (18) पुत्री रामनिवास यादव निवासी ग्राम कपावली थाना नारखी के रूप में हुई। दोनों एक-दूसरे से प्रेम करते थे लेकिन सामाजिक-पारिवारिक बंदिशें भी उनके आगे थीं।
पुलिस से पता चला कि पिंकी इंटर की छात्रा थी। उसकी मां का निधन हो चुका है। दो बहनों की शादी हो चुकी है। गांव में वह पिता रामनिवास के साथ रहती थी जो एक उद्यमी की कार का ड्राइवर है।
शुक्रवार को रामनिवास दिल्ली गए थे। घर में अकेली रहेगी, यह सोचकर वह पिंकी को सिरसागंज के ग्राम मौलापुर में उसकी बुआ के घर छोड़ गए।
योगेंद्र भी शनिवार को मौलापुर जा पहुंचा। वहां से पिंकी को लेकर वह कहीं चला गया। दिन भर दोनों इधर-उधर घूमते रहे।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक घर से तो वे शादी के इरादे से निकले थे लेकिन शाम होते-होते उन्हें यह काम मुश्किल लगने लगा। अंत में उन्होंने आत्मघाती कदम उठा लिया।