फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चांदनी चौक से आई बांकेबिहारी की पोशाक

Thu, 25 Aug 2016 12:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, वृंदावन
विज्ञापन
वर्ष में एक बार होने वाली ठाकुरजी की मंगला आरती के दर्शन कर सकेंगे श्रद्धालु
विज्ञापन
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर इस बार जन-जन के आराध्य ठाकुर बांकेबिहारी महाराज दिल्ली के चांदनी चौक में बनी पोशाक धारण करेंगे। पीले रंग की यह पोशाक ठाकुर जी को उनके दिल्ली निवासी भक्त ने खासतौर पर अर्पित की है। 
विज्ञापन


इसके साथ ही आज रात्रि में ठाकुरजी के दर्शन का सौभाग्य भक्तों को प्राप्त होगा। जन्माष्टमी के अवसर पर वर्ष में केवल एक बार होने वाली ठाकुरजी की मंगला आरती भी की जाएगी।

ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर के सेवायत आभाष गोस्वामी और श्रीनाथ गोस्वामी ने बताया कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर ठाकुर बांकेबिहारी महाराज का बालरूप में शृंगार कराया जाता है। इस अवसर पर ठाकुरजी पीले वस्त्र धारण करते हैं। 
विज्ञापन


मंदिर में 25 अगस्त को रात्रि में ठीक 12 बजे ठाकुरजी के श्रीविग्रह का 501 किलो पंचामृत (दूध, दही, बूरा, शहद, घी) से अभिषेक होगा। इसके बाद ठाकुरजी को पोशाक धारण कराए जाएगी।
विज्ञापन

वृंदावन में श्रद्धालुओं का सैलाब

कृष्‍ण
मंदिर के सेवायत बालकृष्ण गोस्वामी ने बताया कि ठाकुरजी को यह पोशाक दिल्ली के चांदनी चौक निवासी यजमान ने अर्पित की है। चांदनी चौक में ही पोशाक को जन्माष्टमी के लिए विशेष तौर पर तैयार कराया है। उन्होंने बताया कि मध्यरात्रि में अभिषेक के बाद रात्रि में करीब 1:55 बजे मंगला आरती होगी। विशेष थालों में ठाकुरजी को छप्पन भोग निवेदित किए जाएंगे।

इसके बाद सुबह 5:30 तक श्रद्धालु ठाकुरजी के दर्शन लाभ ले सकेंगे। 26 अगस्त को सुबह 7:45 से दोपहर 12 बजे तक नंदोत्सव मनाया जाएगा। इसके बाद ददिकांधा लीला का आयोजन होगा।

बता दें कि जन्माष्टमी के अवसर पर वर्ष में एक बार ही ठाकुर बांकेबिहारी रात्रि को जगमोहन में विशेष रजत निर्मित सिंहासन पर विराजित होकर भक्तों को दर्शन देते हैं। दर्शनों का यह क्रम नंदोत्सव के समापन तक चलता है। वर्ष में एक बार ही ठाकुरजी की मंगला आरती की जाती है।

वृंदावन में श्रद्धालुओं का सैलाब
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर वृंदावन में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी है। विभिन्न मंदिरों में महोत्सव की तैयारियां पूरी कर लीं गईं हैं। नगर में चहुंओर श्रद्धालुओं का जनसमूह देखा जा सकता है। श्रद्धालुओं की अधिकता के चलते निजी होटल, गेस्ट हाउस, धर्मशालाओं में स्थान कम पड़ गया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें