उत्तरप्रदेश सरकार सूबे में पर्यटन व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए चौदह शहरों को हवाई सेवा से जोड़ेगी।
मुख्य सचिव आलोक रंजन ने कहा कि प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पर्यटकों को लघु हवाई सेवा उपलब्ध कराई जाएगी।
यह कवायद विभिन्न शहरों में स्थित पर्यटक स्थलों पर आसानी से पर्यटकों को आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराए जाने के उद्देश्य से शुरू होगी।
प्रदेश के आकार को देखते हुए इस प्रकार की लघु वायु सेवा से व्यापार एवं अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यह निर्णय किया गया है।
सरकार का मानना है कि आने वाले दिनों में पर्यटकों को आसानी से आवागमन की उपलब्ध होगी। मुख्य सचिव ने कहा कि यह सेवा बुद्धिस्ट सर्किट पर आने वाले पर्यटकों के लिए विशेष लाभकारीं होगी।
इसके अलावा झांसी, आगरा, वाराणसी, गोरखपुर, कानपुर, बरेली, मेरठ, इलाहाबाद एवं लखनऊ के अलावा अन्य नगरों को पर्यटन केन्द्रों जैसे खजुराहो आदि से जोड़ा जा सकेगा।
मुख्य सचिव सोमवार शास्त्री भवन स्थित अपने कार्यालय के सभागार में प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लघु वायु सेवा संचालित किए जाने के सम्बन्ध में आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि अन्य प्रदेशों की भांति उत्तर प्रदेश में भी पर्यटकों को लघु वायु सेवा उपलब्ध कराने हेतु कार्य योजना यथाशीघ्र बनाई जाएगी। यह सेवा शुरू करने के लिए नोडल विभाग पर्यटन विभाग को नामित किया जाएगा।
रंजन ने कहा कि लघु वायु सेवा संचालित करने के सम्बन्ध में वायु सेवा प्रदाता के चयन की प्रक्र्तिया, शर्तें एवं आधार आदि निर्धारित करने के लिए प्रमुख सचिव पर्यटन की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया जाएगा।
पर्यटन, नागरिक उड्डयन, वित्त नियोजन, न्याय एवं औद्योगिक विकास आदि विभागों के सचिव/प्रमुख अथवा उनके प्रतिनिधि सचिव को सम्मिलित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में वायु सेवा के विस्तार एवं यातायात की आवश्यकताओं को दृष्टिगत रखते हुए हवाई सेवा संचालित किए जाने हेतु प्रदेश के 14 रूट का चयन किए जाने पर विचार किया जा रहा है।
14 रूट में मेरठ-इलाहाबाद, लखनऊ-मेरठ, वाराणसी-आगरा, आगरा-इलाहाबाद, वाराणसी-कुशीनगर, लखनऊ-कुशीनगर, वाराणसी-चित्रकूट, लखनऊ-चित्रकूट, आगरा-चित्रकूट, आगरा-कानपुर, लखनऊ-आगरा, मेरठ-कानपुर, बरेली-इलाहाबाद, लखनऊ-वाराणसी तथा लखनऊ-इलाहाबाद वायु मार्ग हो सकते हैं।
बैठक में प्रमुख सचिव पर्यटन राकेश बहादुर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।