बेसिक शिक्षा विभाग को 20 मई तक परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले शतप्रतिशत बच्चों के आधार कार्ड बनवाने के लिए नामांकन कराना हैं। समय सीमा समाप्त होने में मात्र एक सप्ताह का समय शेष रह गया है और वर्तमान में आधे से अधिक बच्चों का आधार नामांकन नहीं हो सका है। अभी एक लाख से अधिक बच्चों के आधार कार्ड बनवाए जाने हैं, जो एक सप्ताह में बन पाना संभव नहीं है।
कक्षा एक से आठ तक की कक्षाओं में पढ़ने वाले बहुत की कम विद्यार्थियों के आधार कार्ड बने हुए हैं। जनपद में 40 प्रतिशत छात्रों के भी आधार कार्ड नहीं बने हैं। प्रदेश के ऐसे हालातों को देखते हुए भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा अप्रैल में जारी निर्देशों के क्रम में सर्व शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशक राजकुमारी वर्मा ने विगत एक मई को शासनादेश जारी करके बेसिक शिक्षा अधिकारी को परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्रों के आधार कार्ड बनवाने के निर्देश दिए थे और इसके लिए 20 मई समय सीमा निर्धारित की गई है। समय सीमा समाप्त होने में मात्र एक सप्ताह का समय शेेष रह गया है और अभी एक लाख से अधिक छात्रों के आधार नामांकन कराने अभी बाकी है। आधार कार्ड नामांकन कराने का कार्य शासन द्वारा नगर व ब्लॉक स्तर पर तैनात एजेंसी धारकों द्वारा कराया जाना है और एजेंसियों द्वारा विद्यालयों में कैंप लगाकर आधार नामांकन नि:शुल्क कराया जाना है और इन सब की जिम्मेदारी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संतोष कुमार राय द्वारा संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों को सौंपी गई है।
लेकिन नामित एजेंसियों के द्वारा आधार नामांकन कार्य में लापरवाही बरती जा रही है। यह अभियान शुरू होने से पहले बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा तैयार किए आंकड़ों के अनुसार कुल 1.94 लाख छात्रांकन के सापेक्ष 80 हजार 742 बच्चों का आधार नामांकन हो चुका है और 20 मई तक 01 लाख 13 हजार 288 बच्चों के आधार नामांकन कराया जाना था। खंड शिक्षा अधिकारियों की मानें तो बीते दिनों में अभी तक 10 प्रतिशत आधार नामांकन भी नहीं हो सके हैं। इसके पीछे खंड शिक्षा अधिकारियों को कहना है कि एजेंसी धारकों द्वारा विद्यालयों में कैंप लगाने में आनाकानी की जा रही है। कभी वह मशीन खराब होने की बात कहते हैं और तो कभी इंटरनेट नहीं आने का बहाना बनाते हैं।
एजेंसी धारक ब्लॉक मुख्यालय पर स्थित अपने ऑफिस में ही कार्य कर रहे हैं और रुपये लेकर आधार कार्ड बना रहे हैं। समय सीमा समाप्त होने में मात्र एक सप्ताह का समय शेेष रह गया है और अभी एक लाख से अधिक आधार पंजीयन होने बाकी है। सबसे कम नामांकन की संख्या नगर क्षेत्र की है। इसमें कुल छात्रांकन के सापेक्ष मात्र 5,020 छात्रों के ही आधार बने हुए हैं, जबकि 17,005 अभी बाकी है। ग्रामीण क्षेत्रों में मड़ावरा व बिरधा क्षेत्र की भी काफी बुरी स्थिति है। मड़ावरा में कभी मात्र 7,738 छात्रों के आधार नामांकन है जबकि 14,656 शेष हैं और बिरधा में 9,780 छात्रों के नामांकन हो चुके हैं और 19,449 बाकी है।
दो विद्यालयों में कैंप लगा पर काम नहीं हुआ
आधार कार्ड नामांकन के क्षेत्र के दो प्राथमिक विद्यालयों में कैंप का लगाया गया है, लेकिन एजेंसी धारकों द्वारा काम नहीं किया गया है। दोनों कैंपों में पूरे 20 बच्चों के भी आधार नहीं बनाए गए हैं। एजेंसी धारकों द्वारा काफी मनमानी की जा रही है, इसकी जानकारी जिला मुख्यालय पर अधिकारी को दे दी है।
-वीएन दैयपुरिया
खंड शिक्षा अधिकारी, बार।
एजेंसी धारक कर रहे आनाकानी
एजेंसी धारकों से अनेकों बाद क्षेत्र के विद्यालयों में कैंप लगाने की बात कही गई है, लेकिन उनके द्वारा कैंप का आयोजन नहीं किया जा रहा है। इससे कार्य काफी बाधित हो रहा है। आगामी समीक्षा बैठक में इन समस्याओं को रखा जाएगा।
- रामगोपाल वर्मा
खंड शिक्षा अधिकारी, मड़ावरा।
ब्लॉक का नाम आधार नामांकन हो चुके छात्रों की संख्या शेष छात्रों की संख्या
बार 14,032 13,688
जखौरा 17,065 20,016
तालबेहट 11,250 18,503
महरौनी 15,857 9,971
मड़ावरा 7,738 14,656
बिरधा 9,780 19,449
नगर क्षेत्र 5,020 17,005
योग 80,742 1,13,288