ललितपुर। प्रख्यात आध्यात्मिक संत निर्यापक श्रमण मुनि पुंगव सुधा सागर महाराज की 50 हजार लोगों द्वारा नेहरू टोपी पहनकर अगवानी करने पर जैन समाज ललितपुर को वर्ल्ड रिकॉर्ड इंडिया में दर्ज किया गया है। रविवार को क्षेत्रपाल मंदिर में मुनि संघ के सानिध्य में इसकी घोषणा की गई तो पूरा परिसर जयकारों से गूंज उठा।
जैन पंचायत अध्यक्ष अनिल जैन अंचल ने बताया कि 14 जुलाई को मुनिश्री ने ग्राम मसौरा खुर्द दयोदय पशु गोशाला से विहार करके स्टेशन रोड स्थित दिगंबर जैन अतिशय जैन मंदिर क्षेत्रपाल में मंगल प्रवेश किया था। इस दौरान 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने राष्ट्रीय नेहरू टोपी पहनकर जुलूस निकाला। इसे वर्ल्ड रिकॉर्ड इंडिया में दर्ज किया गया। जिसकी पुष्टि संगठन के अध्यक्ष पवन सोलंकी ने प्रमाणपत्र जारी कर की।
इसके पूर्व जैन समाज ललितपुर को 2015 में संथारा के विरोध में मुंडन कराकर सामूहिक प्रदर्शन एवं 2019 में संत शिरोमणि आचार्य विद्यासागर महाराज के नगर प्रवेश में भी वर्ल्ड रिकार्ड इंडिया का खिताब मिल चुका है। जैन पंचायत ने इस कार्य के लिए नगर की स्वयंसेवी संस्थाओं, नगर पालिका प्रशासन और इस कार्य में जुडे हुए समाजसेवियों का साधुवाद दिया। वर्ल्ड रिकार्ड इंडिया द्वारा जारी प्रमाणपत्र को पंचायत के महामंत्री डॉ. अक्षय टडैया, राजेंद्र जैन, सभासद पंकज जैन मोदी, शीलचंद अनौरा, सतीश, मनोज जैन, अक्षय अलया, सौरभ जैन, निर्मल जैन, आकाश जैन समेत पंचायत के पदाधिकारियों ने लोकार्पित किया।
बच्चों की प्रस्तुति को सभी ने सराहा
रविवार को धर्मसभा में पाद प्रक्षालन एवं दीप प्रज्ज्वलन आदिनाथ कॉलेज के निदेशक प्रदीप जैन परिवार एवं श्राविकाओं ने मुनिश्री को शास्त्र भेंट किया। नगर पालिका सभासद अफजुल रहमान, भीम चौरसिया, वाकिर अली भोलू, मुस्तफा खान, जहीर खान रानू, बद्री पाठक, केके पंथ, मुकेश रजक, हरिओम कुशवाहा, रूपेश श्रीवास्तव, महेंद्र सिंघई, अनुराग जैन शैलू, आलोक जैन मयूरी, अमरदीप रजक, संजय ग्वाला, कालू पटेल, रामबाबू यादव, रामकुमार रजक, राजू यादव, लवली शर्मा, रोहित राठौर, प्रकाश कुशवाहा, रामसेवक प्रजापति ने मुनिश्री को श्रीफल अर्पित कर आशीर्वाद ग्रहण किया। धर्मसभा का मंगलाचरण संस्कृति जैन टीकमगढ़ द्वारा किया गया। सांगानेर श्रमण संस्कृति संस्थान खनियाधाना के बच्चों ने मुनिश्री के सम्मुख आशीर्वाद ग्रहण कर आकर्षक प्रस्तुति दी। जिसको उपस्थित जनसमुदाय ने सराहा।
भारत कहीं भिखारी न बन जाए : मुनिश्री
क्षेत्रपाल मंदिर में मुनि सुधा सागर महाराज ने वर्तमान सामाजिक परिस्थितियों पर चिंतन करते हुए कहा कि भारत कहीं भिखारी न बन जाए। जिंदगी ऐसी जियो जिससे तुम्हें मांगना न पडे़ और दूसरों की ओर न देखना पडे़। शिक्षा व्यवस्था को बेहतर करने और भारतीय संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित करते हुए मुनिश्री ने कहा मां जो दे वह खाओ मांग कर और छीनकर नहीं खाना। उन्होंने कहा कि स्वयं को पहचानो, आत्म ध्यान करो, अपने अच्छे बुरे की पहचान स्वयं होती है। आत्मा बुरा करने के लिए रोकती है। मुनिश्री ने कहा हमें ऐसा कार्य करना है। जिससे देश को किसी के आगे हाथ न फैलाना पडे़ और स्वावलंबी हो जाए।
मुनि श्री की आहारचर्या में स्वयंसेवक कर रहे पुर्ण्याजन
नगर में चातुर्मास में विराजित मुनि सुधा सागर महाराज ससंघ की आहार चर्या की व्यवस्थाओं को अनुशासित ढंग से संचालित करने में विद्यासागर व्यायामशाला के स्वयंसेवक नरेंद्र जैन, छोटे पहलवान, पंकज जैन, पीलू, रिंकू जैन के साथ जहां अनुशासित कर रहे हैं। चौका व्यवस्था में संयोजक अभिषेक के साथ जैन सेवा समिति जनक जननी वृद्धाश्रम के अमित प्रिय जैन, दीपक बुखारिया, विकास जैन बनाए हुए हैं।