महरौनी (ललितपुर)। सूबे के श्रम एवं सेवायोजन राज्य मंत्री मनोहर लाल पंथ के गोद लिए अस्पताल में भी स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हैं। हालात यह हैं कि शुक्रवार को यहां नसबंदी कराने आईं महिलाओं को ऑपरेशन के बाद जमीन पर लेटना पड़ा। इस दौरान औचक निरीक्षण को पहुंचे एसडीएम ने जब यह स्थिति देखी, तो चिकित्सकों को जमकर फटकारा। वहीं कुछ कर्मचारी गायब मिले।
सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए जनप्रतिनिधियोें को स्वास्थ्य केंद्र गोद लेने के निर्देश दिए हैं, लेकिन जनप्रतिनिधि भी स्वास्थ्य केंद्रों की स्थिति सुधार नहीं पा रहे हैं। राज्यमंत्री मनोहर लाल पंथ के गोद लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर शुक्रवार को नसबंदी के बाद महिलाओं को जमीन पर लेटना पड़ा। शुक्रवार को सीएचसी पर 40 महिलाओं को नसबंदी करानी थी, लेकिन 30 महिलाएं आ सकीं।
इन महिलाओं को नसबंदी कराने के बाद सर्दी में फर्श पर साथ लाई चादर को बिछाकर लिटा दिया गया। इसी दौरान एसडीएम अचानक सीएचसी पहुंचे तो उन्होंने इस पर नाराजगी जताई। बताया गया कि सीएचसी पर बेड कम होने के कारण उनके साथ आए परिजनों ने फर्श पर लेटा दिया। एसडीएम ने अस्पताल का निरीक्षण किया तो कुछ कर्मचारी नदारद भी मिले, तो कुछ ने उपस्थित रजिस्टर पर हस्ताक्षर तक नहीं किए। परिसर में गंदगी देख उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई। स्टोर में दवाइयां कम होने पर उन्होंने प्रभारी से पूछताछ की। निरीक्षण के दौरान धर्मेंद्र सिंह के उपस्थित रजिस्टर पर हस्ताक्षर पाए गए, लेकिन मौके पर नहीं मिले, तो बताया गया कि वह जिला मुख्यालय पर गए हैं। अमित पुरोहित व सपना राठौर के हस्ताक्षर नहीं पाए गए। शिव कुमार तिवारी, शिल्पी यादव, श्रीप्रकाश के कॉलम में सीएल लिखा पाया गया।
सीएचसी का औचक निरीक्षण किया था वहां जो खामियां मिली हैं उसकी रिपोर्ट डीएम को कार्यवाही की संस्तुति के साथ भेज रहे हैं। अनुपस्थित कर्मियों से स्पष्टीकरण मांगा है।-अमित कुमार भारतीय, एसडीएम