चुनावी साल में केंद्र सरकार द्वारा लोकसभा में पेश किए अंतरिम बजट पर व्यापारी, किसान व मजदूरों ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे राहत देने वाला बताया है। भाजपा के पदाधिकारी हर वर्ग को राहत पहुंचाने वाला बजट बता रही है तो वहीं, कांग्रेस ने इसे चुनावी बजट करार दिया है। उधर, किसान यूनियन भी बजट को नाकाफी बता करार दिया है।
हर साल केंद्र सरकार भावी योजनाओं को लेकर बजट पेश करती है। इस साल का बजट इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि कुछ महीनों बाद देश में चुनाव होने वाले हैं। इसे लेकर इस बात की अटकलें लगाई जा रही थी कि यह बजट लोगों को राहत पहुंचाने वाला होगा। शुक्रवार को वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने सदन में बजट पेश किया। इसमें हर वर्ग को रिझाने का प्रयास किया गया है। इनकम टैक्स की सीमा ढाई लाख रुपये की जगह पांच लाख रुपये कर दी है। अभी तक ढाई लाख से पांच लाख के बीच आय वालों को 5 फीसदी आयकर देना पड़ता था, जिसे अब सरकार ने समाप्त कर दिया है। इसके अलावा 40,000 प्रति वर्ष की बचत पर कोई टीडीएस नहीं कटेगा। वित्त मंत्री ने कृषि संकट व किसानों की बदहाली को ध्यान रखते हुए किसानों के लिए बड़ा एलान किया है। सरकार ने इस बजट में देश के लघु एवं मध्यम किसानों को 6000 प्रतिवर्ष देने की घोषणा की है जो सीधे किसान के खाते में भेज दिए जाएंगे।