जंगल में मंदिर का निर्माण कराना पड़ा महंगा, कटा केस
ललितपुर। तालबेहट वन रेंज अंतर्गत एक समिति के तीन प्रमुख पदाधिकारियों को मंदिर में निर्माण कराना महंगा पड़ गया है। तालबेहट रेंजर के निर्देश पर वन रक्षक ने समिति के पदाधिकारियों के खिलाफ केस काट दिया है। इससे समिति के लोगों में खलबली मच गई है।
तालबेहट वन रेंज अंतर्गत ग्राम पवा में जंगली इलाका है। यहां वर्षों पूर्व जंगल के नियमों को ताक पर रखकर एक मंदिर का निर्माण कराया गया था। उस दौरान विभाग ने निर्माण के मामले में दो केस काटे गए थे, जो अब न्यायालय के विचाराधीन हैं। पिछले दिनों समिति के कुछ पदाधिकारियों ने अधूरे निर्माण को पूर्ण कराने की कोशिश की। इसकी सूचना पाकर वन विभाग के अधिकारी सक्रिय हो गए। रेंज अफसर जबर सिंह ने वन रक्षक संदीप कुमार को मौके पर निरीक्षण के लिए भेजा। इस दौरान कुछ श्रमिक टायल्स लगाते दिखे, लेकिन वन कर्मियों को देखकर वह भाग खड़े हुए। इसके उपरांत वन रक्षक संदीप कुमार ने समिति के तीन पदाधिकारियों सहित मजदूरों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की है। इससे समिति में हलचल देखी जा रही है। उधर, तालबेहट रेंजर ने वन दारोगा ताहर सिंह को जांच सौंप दी है। अब वह इस मामले की गहराई से पड़ताल करेंगे। इस दौरान यह देखा जाएगा कि जिन लोगों के खिलाफ केस काटा गया है, वह वास्तव में संलिप्त हैं या नहीं। यही नहीं, उन्हें पक्ष प्रस्तुत करने के लिए नोटिस भी दिए जाएंगे।
कार्रवाई बताने से बच रहे कर्मचारी
मंदिर निर्माण मामले में काटे गए केस में वन कर्मी कुछ भी खुलकर बोलने से कतरा रहे हैं। जहां एसडीओ वन आरएस यादव ने केस काटने पर अनभिज्ञता जाहिर की। वहीं, जांच अधिकारी ताहर सिंह केस के बारे में कुछ भी बताने से कतराते नजर आए। उन्होंने दूरभाष पर जांच मिलने की बात स्वीकारी। यही नहीं, डीएफओ से दूरभाष पर बात नहीं हो सकी। वर्तमान में डीएफओ झांसी अतिरिक्त प्रभार के रूप में ललितपुर का काम संभाले हुए हैं।
काम रुकवा दिया गया
मंदिर में टॉयल्स लगाने की सूचना कर्मियों को मिली थी। जिस पर विभागीय केस काटा गया है। इससे पहले भी मंदिर निर्माण मामले में केस काटा गया था जो अब न्यायालय में विचाराधीन है। यदि आगे भी सूचना मिलती है तो कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
एके सिंह, वन संरक्षक, बुंदेलखंड वृत्त झांसी