महरौनी। हिंदू-मुस्लिम कौमी एकता के प्रतीक सैय्यद अहमद शाह बाबा के सालाना उर्स में कव्वाली व गजलों की धूम रही। सांस्कृतिक सद्भावना मंच से कव्वालों ने एक से बढ़कर एक कलाम और गजलें प्रस्तुत कीं।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नगर पंचायत अध्यक्ष नीलम बड़ौनियां, विशिष्ट अतिथि बृषभान यादव, रज्जब अली खादिम, सभासद पवन जैन, अनिल शर्मा, अनूप अहिरवार, रवि अहिरवार, मुकेश श्रीवास्तव, सुरेश अहिरवार आदि ने विधिवत कार्यक्रम का शुभारंभ किया। युसुफ शोला कव्वाल मुंबई ने अल्लाह की शान में ‘तू रहीम है मौला पेश किया।
फिर गजलों का दौर शुरू हुआ तो ‘किस्मत से जिसके घर में भी आती हैं बेटियां, रहमत खुदा की साथ में लाती हैं बेटियां, पेश कर खूब वाहवाही लूटी’। मंच संचालन संजय पांडेय भारत ने किया। इस मौके पर सदर रहबर अली, खजांची परवेज अली, शाहिल निजामी, इमाम राईन, लखन लाल झा, इवरान खां, फिरोज सिद्दीकी, जफर खान बाबू, अखिलेश मलैया आदि उपस्थित रहे।