ललितपुर। शासन द्वारा निर्धारित किए गए गेहूं खरीद केंद्रों पर शुरुआत के सवा महीने में जहां 33.07 फीसदी गेहूं खरीद की गई, वहीं मई माह में अब तक मात्र 1.70 फीसदी ही खरीद की जा सकी है। लक्ष्य के सापेक्ष अब तक एक तिहाई गेहूं की खरीद हो सकी है।
शासन की योजना के तहत इस बार जनपद में 17 मार्च से गेहूं खरीद केंद्रों का संचालन शुरू किया गया। इसके तहत शासन द्वारा संचालित 48 खरीद केंद्रों पर अप्रैल माह में गेहूं की अच्छी खरीद की गई। अप्रैल के अंत तक लक्ष्य 48 हजार मीट्रिक टन की तुलना में कुल 15,875.55 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई, जो मात्र सवा माह में ही 33.07 फीसदी रही। जबकि मई माह में गेहूं की खरीद काफी धीमी पड़ गई, जो 22 मई तक मात्र 815.40 मीट्रिक टन ही खरीद हो सकी। जो 1.70 फीसदी बढ़कर 34.77 फीसदी हो गई है। इसका कारण बताया जा रहा है कि गल्ला मंडी में जहां गेहूं का रेट 2500 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया, जो एमएसपी 2425 रुपये प्रति क्विंटल से अधिक है। ऐसे में किसान मंडी की ओर ही रुख ज्यादा कर रहा है। हालांकि बहुत से किसान गल्ला मंडी के अलावा मध्य प्रदेश की मंडियों में भी गेहूं ले गए हैं, जिससे अब जनपद में गेहूं खरीद पर असर पड़ने लगा है।
एजेंसीवार केंद्रों पर गेहूं खरीद
खाद्य विभाग द्वारा पांच खरीद केेंद्रों पर नौ हजार मीट्रिक टन लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 5,134.10 मीट्रिक टन, पीसीएफ के 29 केंद्रों पर 25 हजार मीट्रिक टन लक्ष्य के सापेक्ष अब तक कुल 6,781.30 मीट्रिक टन, नैफेड के सात खरीद केंद्रों पर 3500 मीट्रिक टन लक्ष्य के सापेक्ष अब तक कुल 1321.3 मीट्रिक टन, मंडी समिति के एक केंद्र पर 1500 मीट्रिक टन लक्ष्य के सापेक्ष 610.30 मीट्रिक टन और भारतीय खाद्य निगम छह खरीद केंद्रों पर नौ हजार मीट्रिक टन लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 2843.90 मीट्रिक टन खरीद हुई है।
वर्जनजिले में सभी खरीद केंद्रों पर अब तक 16,690 मीट्रिक टन खरीद हो गई है। केंद्रों पर निरीक्षण कर केंद्र प्रभारियों को खरीद बढ़ाने के लिए निर्देशित किया गया है।
-चामुंडा प्रसाद पांडेय, जिला खाद्य विपणन अधिकारी।