फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शासन ने दिए मार्च तक वेबसाइट बनाने के निर्देश

Sun, 07 Feb 2016 01:37 AM IST
ब्यूरो
विज्ञापन
विज्ञापन
ललितपुर। अम्रुत  योजना के तहत नगर पालिका को ऑनलाइन करने का कार्य शुरू हो गया है। शासन की मंशा नए वित्त वर्ष 2016-17 में सभी  कार्य ऑनलाइन करने की है। इसको लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं।
विज्ञापन


यदि सब कुछ  ठीक-ठाक रहा तो मार्च माह तक नगर पालिका की अलग से वेबसाइट तैयार कर दी जाएगी।

अम्रुत योजना में तेजी लाने के लिए गत सप्ताह प्रदेश  मुख्यालय पर नगर पालिका के अधिकारियों को तीन दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया था। इसमें अधिशासी अधिकारी राकेश कुमार, योजना प्रभारी दीपेंद्र कुमार व  कंप्यूटर आपरेटर भगवान सिंह ने प्रतिभाग किया था।

इस दौरान नगर पालिका को ऑनलाइन करने के लिए मार्च माह तक विभाग की वेबसाइट तैयार करने के निर्देश भी दिए गए थे। इसको लेकर विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। वेबसाइट बनाने का कार्य उत्तर प्रदेश डेवलपमेंट सिस्टम्स कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीडेसको)  साफ्टवेयर कंपनी कर रही है, जिसे भारत सरकार द्वारा प्रदेश स्तर पर नामित किया गया है।
विज्ञापन


कंपनी ने नगर पालिका को वेबसाइट बनाने के लिए 5.86 लाख रुपए का स्टीमेट दिया है। कंपनी ने लागत राशि का भुगतान एडवांस देने की मांग की है। विभाग द्वारा भुगतान दिए जाने के बाद वेबसाइट बनाने का  कार्य शुरू हो जाएगा। वेबसाइट तैयार करने के लिए कंपनी को करीब एक माह का  समय लगेगा।

प्राथमिकता में है ऑनलाइन टेंडर प्रक्रिया
शासन की मंशा है कि विभागीय वेेबसाइट बनने के बाद  सर्वप्रथम टेंडर प्रक्रिया को ऑनलाइन किया जाए। इसके पीछे शासन का उद्देश्य  यह है कि सरकारी  कार्यों में  पारदर्शिता रहे, ताकि सरकारी धन का बंदरबाट व दुरुपयोग न हो सके। बता दें कि नगर पालिका  में सबसे अधिक धन का अपव्यय  निर्माण कार्यों के नाम पर  होता है। इसमें पारदर्शिता लाने के लिए निविदा  प्रक्रिया व नीलामी  प्रक्रिया जोर दिया गया है।

विभाग बार होगी डाटा एंट्री
वेबसाइट तैयार होने के बाद नगर पालिका के विद्युत विभाग, नजूल विभाग, निर्माण  विभाग, सफाई विभाग, गृहकर विभाग आदि विभागों से जुड़ी तमाम जानकारियों व  डाटा को अपलोड किया जाएगा। इसके अलावा नगर पालिका को अपनी संपत्ति का  ब्योरा भी वेबसाइट पर अपलोड करना होगा।

इसमें नजूल की जमीन, नगर क्षेत्र  में विभाग द्वारा बनाई गई  दुकानें व भवन, पार्कों की संपूर्ण जानकारी,  सड़कों व नालियों की  जानकारी, सड़कों पर विभाग द्वारा लगाए गए विद्युत  उपकरण,  नगर पालिका द्वारा संचालित विद्यालयों आदि समस्त संपत्ति का   ब्योरा अपलोड  करना पड़ेगा, जिस पर नगर पालिका का स्वामित्व है।

नागरिकों को मिलेगी सुविधा
नगर पालिका के ऑनलाइन हो जाने के बाद अधिकतम विभागीय कार्य ऑनलाइन किए जाने लगेंगे। इसके बाद नागरिकों को नगर पालिका के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। नागरिकों को आमतौर पर जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए नगर पालिका में जाना पड़ता है।

लेकिन, आनलाइन होने के बाद आवेदक उक्त  प्रमाण  पत्र के लिए आनलाइन आवेदन कर सकेगा। इससे संबंधित सारा रिकॉर्ड  नागरिकों  को विभाग  वेबसाइट पर मिल जाएगा। इसके अलावा गृहकर विभाग आनलाइन हो जाने से  गृहस्वामी अपने गृहकर को आनलाइन जमा कर सकेंगे।

आय-व्यय का ब्योरा रहेगा अपडेट
नगर  पालिका के कोष में जो भी सरकारी धन नगर विकास के कार्यों के नाम पर आता  है, उस धन का ब्योरा विभाग को अपनी वेबसाइट पर अपलोड करना होगा। भारत  सरकार और प्रदेश सरकार किसी भी योजना के तहत नगर पालिका को धन आवंटित  करेगी, उसका  ब्योरा आनलाइन रहेगा। इसके अलावा विज्ञापन कर, गृहकर,  पार्किंग कर, दुकानों  व भवनों के किराए से होने वाली आय एवं अन्य साधनों  के माध्यम से होने वाली  विभाग की आय और व्यय कीे संपूर्ण  जानकारी वेबसाइट  पर अपलोड होगी व अपडेट  होती रहेगी।

शिकायत भी होगी आनलाइन
ई-   शासन  प्रणाली शुरू होने के बाद विभाग की वेबसाइट पर नागरिक अपनी  शिकायतों  को भी  दर्ज करा सकेंगे। नागरिकों द्वारा की गई शिकायतों पर  विभाग ने क्या   कार्रवाई की है, इसका विवरण भी वेबसाइट पर डाला जाएगा।  इसके पीछे शासन की   मंशा है कि नागरिकों की समस्या का निवारण व निस्तारण  समय पर हो सके।


वेबसाइट  बनाने के लिए शासन से अधिकृत कंपनी  का भुगतान कराकर कार्य को समय सीमा के भीतर पूर्ण कराने की  हरसंभव कोशिश की जा रही है। शासन की मंशा के अनुरूप पालिका को आनलाइन करने  से संबंधित तैयारियां पूूर्ण करने के लिए विभागीय प्रभारियों को दिशा-  निर्देश दे दिए गए हैं।
विज्ञापन

- राकेश कुमार
अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें