ललितपुर। विद्युत बिलों के सरचार्ज में छूट देने वाली एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) का लाभ इस बार विद्युत नियामक आयोग द्वारा खत्म कर देने से घरेलू व किसान उपभोक्ताओं में निराशा है।
ओलावृष्टि, अतिवृष्टि और एवं सूखा पीड़ित होने के कारण किसान वैसे भी परेशान हैं, ऊपर से किसानों को राहत देने वाली योजना का लाभ नहीं मिलने से उन पर दोहरी मार पड़ी है।
अब समय से बिजली का बिल अदा नहीं करना बिजली उपभोक्ताओं को ज्यादा भारी पड़ेगा, खासकर सूखा प्रभावित किसानों के लिए ओटीएस न मिलने से अब उन्हें शत- प्रतिशत सरचार्ज भी देना होगा। हालांकि शासन ने वर्तमान में किसान उपभोक्ताओं से नलकूप संयोजनों के बकाए पर किसी कड़ी कार्रवाई करने पर रोक लगा दी है, लेकिन उन्हीं किसान उपभोक्ताओं को घरेलू संयोजनों पर राहत नहीं दी गई है।
विद्युत नियामक आयोग द्वारा किसान व घरेलू उपभोक्ताओं के लिए एकमुश्त समाधान योजना लाकर सरचार्ज में शत-प्रतिशत या फिर कभी-कभी पचास प्रतिशत का लाभ हर वर्ष दिया जाता था, लेकिन इस बार योजना बंद कर देेने से उपभोक्ताओं को मौसम की मार के साथ- साथ योजना बंद होने की दोहरी मार पड़ रही है।
विद्युत विभाग द्वारा मार्च माह के पूर्व ही विद्युत वसूली की रणनीति तैयार की जा रही है। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों के अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा बकाएदार नलकूप संयोजनधारी उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटे जा रहे हैं। विद्युत विभाग द्वारा ओटीएस योजना का लाभ नहीं मिलने पर उपभोक्ताओं को तय तारीख गुजरने के बाद बिल अदा करने पर दो फीसदी तक लेट सरचार्ज (विलंब अभिभार) देना होगा।
समय से बिल अदा करने वालों को पहले की तरह बिल पर 0.25 फीसदी की छूट मिलती रहेगी। समय से बिल नहीं अदा करने वालों को आगे से तीन माह तक 1.25 फीसदी लेट सरचार्ज देना होगा। उसके बाद दो फीसदी की दर से लेट सरचार्ज वसूला जाएगा।
एडवांस पेमेंट की मिलेगी सुविधा
बिजली के बिल के अग्रिम भुगतान की सुविधा उप्र पावर कार्पोरेशन द्वारा उपभोक्ताओं को दी गई है। उपभोक्ता बिजली के बिल के खाते में कितनी भी राशि जमा करा सकेगा। इस धनराशि पर उपभोक्ताओं को भारतीय रिजर्व बैंक की दर से मिलने वाले ब्याज की घोषणा टैरिफ कार्ड के साथ की जाएगी।
अग्रिम भुगतान होने से फायदा यह होगा कि यदि उपभोक्ता शहर से कई दिनों के लिए बाहर है या फिर किसी कार्य के कारण बिजली चेकिंग के समय मौजूूद नहीं है तो ऐसी स्थिति में उस उपभोक्ता का बिल स्वत: ही जमा हो जाएगा।
इसके साथ ही इंटरनेट बैंकिंग के जरिए बिलों का भुगतान जमा करने पर उपभोक्ताओं को किसी प्रकार का सरचार्ज नहीं देना होगा। डेविट कार्ड के जरिए भुगतान करने पर किसी प्रकार का अतिरिक्त ट्रांजेक्शन चार्ज नहीं देना होगा। हालांकि, चार हजार रुपए के अधिक बिल पर एक फीसदी सरचार्ज देना होगा।