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शिवनगर की गलियों में भरा गंदा पानी

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शिवनगर की गलियों में भरा गंदा पानी - फोटो : LALITPUR
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ललितपुर। वार्ड नंबर 23 रावतयाना प्रथम के शिवनगर में अधिकतर सड़कें और नालियां कच्ची हैं। इससे घरों से निकल रहा गंदा पानी सड़क पर जमा हो रहा है। सड़कें गंदे पानी से भरी हैं। कुछ जगहों पर फिसलन की समस्या है। ऐसे में स्थानीय लोगों को आने-जाने में असुविधा हो रही है।
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शहर के एक किनारे बसे मोहल्ला शिवनगर में कई आलीशान भवनों का निर्माण हो गया है और कुछ का निर्माण कार्य चल रहा है। लेकिन, बस्ती में आने-जाने के लिए अभी तक पक्की सड़कें तैयार नहीं हो पाई हैं। इसके अलावा घरों से निकलने वाले गंदे पानी की निकासी का भी इंतजाम नहीं है। कुछ लोगों ने अपने घर के दरवाजे के बगल में गड्ढा खोद लिया है, जिसमें गंदा पानी एक जगह जमा हो जाता है। एक- दो गड्ढे तो गंदे पानी से उफना गए हैं।
मंदिर से चंद कदम की दूरी पर एक हैंडपंप लगा हुआ है, इसके पास ही एक व्यक्ति गंदे पानी के लिए गड्ढे खोद लिया है। इससे समीप में लगे हैंडपंप ने दूषित पानी खींचना आरंभ कर दिया है। आसपास के लोग अब उस हैंडपंप का पानी नहीं पी पा रहे हैं। नाली की समस्या समूची बस्ती में है। वर्षो पहले बिछाए गए पेवरब्रिक्स की सड़क भी नजर नहीं आती है। इस पर ही घरों का गंदा पानी जमा हो रहा है। दूर से सड़क तालाब की तरह दिखाई देती है, इसी भरे पानी में से होकर स्थानीय लोग आते-जाते हैं। उस समय समस्या विकट हो जाती है, जब घर पर कोई आयोजन होता है।
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मित्र, रिश्तेदार आवागमन की असुविधा को देखकर आयोजन में शामिल होने से कतराते हैं। एक महिला ने रास्ते को सुगम बनाने के लिए खुद ही श्रम करते हुए कीचड़ में मिट्टी डाली है। इस तरह लोगों को खुद आगे आना पड़ रहा है लेकिन नगर पालिका का ध्यान अभी तक इस ओर नहीं गया है।
शिवनगर में नई बस्ती बसती जा रही है। लोगों ने यहां जीवन भर की पूंजी मकान के निर्माण पर लगा दी है, लेकिन सड़क और नाली की समस्या बनी हुई है। बारिश के दिनों में घर से निकलना दूभर हो जाता है। मावठ की बारिश से कच्ची सड़कें कीचड़ में तब्दील हो गई हैं।
- विक्रम सिंह
बारिश के मौसम में कच्ची सड़कें ऊबड़-खाबड़ हो गई हैं, जिन पर वाहन चलाना आसान काम नहीं है। बड़ी सावधानी से वाहन चलाना पड़ता है। थोड़ी असावधानी में वाहन अनियंत्रित हो जाता है। यही नहीं, पैदल चलने में भी समस्या आती है। गड्ढों के कारण पैर में मोच आने का खतरा बना रहता है।
- हाकिम सिंह
घर के सामने बहुत कीचड़ है। इस कीचड़ से होकर ही रोजाना पानी हैंडपंप से भरकर लाते हैं। हैंडपंप भी ऐसा है जो दूषित पानी देने लगा है। जिस कारण पीने के पानी की समस्या खड़ी हो गई है। मोहल्ले में गांव से भी बुरे हालात हो गए हैं, जहां से कहीं और चले जाने का मन करता है लेकिन जाए भी तो कहां?
- सिंगार दुलिया
पहले से ही मोहल्ले में सड़क व नाली की समस्या बनी है। घरों से निकलने वाले गंदे पानी को फैलने से रोकने के लिए कुछ लोगों ने स्वयं ही इंतजाम किए हैं। कइयों ने घरों के आगे गड्ढे खोद लिए हैं तो कुछ यूं ही गंदा पानी फैला रहे हैं। इससे सड़क पर जल जमाव की समस्या उत्पन्न हो रही है। नगर पालिका को इस ओर ध्यान देना चाहिए। - विश्वनाथ
मोहल्ले में कहीं सड़क कीचड़ है तो कहीं पानी ाभरा है। ऐसे में दुपहिया वाहन चलाने में बड़ी समस्या आती है। उस समय बड़ा डर लगता है, जब किसी महिला को वाहन पर बैठाकर ले जाते हैं। यह चिंता सताती रहती है कि कहीं फिसलन भरे रास्ते में वाहन अनियंत्रित न हो जाए।
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- अंतू प्रजापति
शिवनगर मोहल्ले में जलभराव का मामला संज्ञान में नहीं है। यहां मौके पर कर्मचारियों को भेजकर वास्तविकता का पता लगाया जाएगा।
- डा.संजय कुमार मिश्रा, अधिशासी अधिकारी
नगर पालिका परिषद
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