मड़ावरा। मड़ावरा क्षेत्र के बढ़वार गांव तक पहुंचने को कोई पक्का मार्ग नहीं है। इससे ग्रामीण परेशान हैं। मानपुरा और गिरार से होकर यहां पहुंचने के अलग-अलग मार्ग हैं, जो कच्चे और बदहाल स्थिति में हैं। यहां के ग्रामीणों को बरसात में यह समस्या और अधिक बढ़ जाती है। विकासखंड मड़ावरा के अंतर्गत ग्रामपंचायत बढ़वार के मजरा मानपुरा को जोड़ने वाला संपर्क मार्ग लंबे समय से बदहाल पड़ा है। ग्राम गिरार से होते हुए बढ़वार को जोड़ने वाले कच्चे रास्ते में दो दशक पुराना जर्जर बना है, लेकिन इसकी हालत बहुत खराब है। इस कारण ग्रामीणों को आवागमन में दिक्कत हो रही। बरसात में यह दिक्कत और अधिक बढ़ जाती है।
अभी इस मार्ग में घुटनों तक कीचड़ है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि बरसात में क्या स्थिति होती होगी। ग्राम मानपुरा में पूर्व माध्यमिक विद्यालय नहीं होने के कारण यहां के बच्चे पढ़ने को ग्राम बढ़वार तक इसी दलदल वाले रास्ते से होकर जाते हैं। इस मार्ग के बीच से एक नाला निकला है, जिसमें पानी आ जाने के कारण बच्चे दूसरे गांव में ही ठहरकर रह जाते हैं। घर तक आने का मात्र एक रास्ता गिरार से होकर है। ग्रामीणों को डेढ़ किलोमीटर के सफर को पूरा करने के लिए गिरार से होते हुए दस किलोमीटर का चक्कर लगाना होता है।
ग्रामीणों की समस्या यहीं तक
खत्म नहीं होती, बल्कि गिरार के बीच रास्ते से निकली बंडई नदी पर लगभग बीस बर्ष पुराना पुल संकीर्ण तथा नीचा है। जहां इन दिनों घुटनों तक पानी होता है। बरसात में यहां से निकल पाना भी दुश्वारियों से भरा हो जाता। ग्राम पंचायत बढ़वार के ग्राम प्रधान राजाराम ने बताया कि चुनाव के समय तमाम नेतागण यहां आए और ग्रामीणों की गंभीर समस्या को देखकर पक्की सड़क व पुल निर्माण का आश्वासन दिया। लेकिन, वक्त गुजरा, चुनाव निकला और किसी भी नेता/ जनप्रतिनिधि ने लौटकर यहां की सुध नहीं ली।
पक्की सड़क नहीं है। कच्चे मार्ग से होकर बच्चे विद्यालय जाते हैं। बरसात के दिनों में एक-दूसरे गांव से संपर्क पूरी तरह टूट जाता है। गिरार मार्ग की बंडई नदी पर बना पुल दुरुस्त कराया जाए।
- फूलरानी, मानपुरा
ग्राम बढवार मड़ावरा क्षेत्र के अंतिम छोर पर बसा है। इसलिए यहां विकास पहुंच नहीं हो पा रहा है। रास्ता खस्ताहाल होने से परेशानी होती है। जिम्मेदार अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों को ध्यान देना चाहिए।
- गाजी लाल, मानपुरा
बरसात के दिनों में अधिक समस्या होती है। बढ़वार गांव में अगर कोई बीमार हो जाए तो अस्पताल तक पहुंचने का कोई मार्ग खुला नहीं रहता। मरीज इलाज के आभाव में बेमौत दम तोड़ देते हैं
- भरत यादव, बढ़वार
चुनाव के समय यहां तमाम नेतागण आते हैं। उस दौरान पक्की सड़क बनाने को लेकर वायदे तो कर देते पर जीतने के बाद यहां का हाल तक देखने नहीं आते। पक्की सड़क बनवाई, जाए ताकि समस्या दूर हो सके।
- सीतारानी, मानपुरा