ललितपुर। जनपद में भीषण गर्मी में भले ही लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हों, लेकिन सिंचाई विभाग के अधिकारियों की उदासीनता के चलते लाखों लीटर पानी बर्बाद हो रहा है। ऐसा ही हाल शहजाद बांध की बांयी नहर का बना हुआ है। यहां पर 24 घंटे एक मीटर पानी की निकासी हो रही है।
शहजाद बांध की दोनों नहरों से सैकड़ों गांव में फसलों की सिंचाई होती है। साथ ही बांसी-हर्षपुर पेयजल परियोजना व मथुराडांग पेयजल परियोजना आदि के लिए पानी उठाया जाता है। दोनों पेयजल परियोजना से लगभग तीन दर्जन गांव की 25-30 हजार की आबादी को पानी मुहैया कराया जाता है। लेकिन, वर्तमान में पानी बर्बाद हो रहा है। शहजाद बांध की बांयी नहर का गेट पूरा बंद होने के बाद भी 24 घंटे एक मीटर पानी चल रहा है। यह पानी नहर के माध्यम से आगे जाकर कई जगह सीपेज तो कहीं पाइप से निकल रहा है, जबकि कई क्षेत्रों में पानी की बूंद-बूंद का संकट बना हुआ है। अधिकारियों ने बीते वर्ष लाखों रुपये की लागत से मरम्मत कार्य कराया था, इसके बाद भी पानी नहीं रुक रहा है।
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कमी छुपाने के लिए नहर काट डाल दिए पाइप
नहर से निकल रहा पानी आगे किसी को नजर न आए, इसके लिए नहर को काटकर दो पाइप डाल दिया गया। अब कुछ पानी पाइप से निकलकर नाले के माध्यम से नदी में गिर रहा है। वहीं, कुछ पानी आगे की ओर जा रहा है।
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बांध से नहर में पानी छोड़ने वाले गेट के निर्माण से अब तक मरम्मत नहीं हुई है। बांध को खाली किया जा रहा है, इसके बाद मरम्मत की जाएगी।- शैलेष कुमार, अधिशासी अभियंता, राजघाट निर्माण खंड