ललितपुर में जल संस्थान में क्षतिग्रस्त हुआ सी डब्लयू आर।
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साइफन के पानी ने जल संस्थान की तोड़ी कमर
ललितपुर। साइफन खुलने के बाद शहजाद नदी के उफनाने से डोडाघाट स्थित जल संस्थान के सीडब्ल्यूआर सहित पंप हाउस को पानी ने अपनी चपेट में ले लिया। इससे सीडब्ल्यूआर पूरी क्षतिग्रस्त हो गया, साथ ही कई मोटरें खराब हो गई। इससे शहर की जलापूर्ति बाधित हो गई है। शुक्रवार को स्थानीय नागरिकों को पानी के लिए परेशान होना पड़ा।
गोविंद सागर बांध की स्वचालित साइफन प्रणाली के चालू होने से बड़ी मात्रा में पानी की निकासी हुई। इससे शहजाद नदी के किनारे बने जल संस्थान के ट्रीटमेंट प्लांट में नदी का पानी भर गया। पटेल नगर की आपूर्ति में लगे छह पंप पानी में डूब गए। 2600 केएल का सीडब्ल्यूआर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। नेहरू नगर पंप हाउस की मोटरें, ग्रामीण क्षेत्र की मोटरें व 13 एमएलडी ट्रीटमेंट प्लांट की मशीन जलमग्न हो गई। इससे कई मशीनें खराब हो गई तो कई मशीनों को पानी हटाकर सुखाया जा रहा है। अब इनकी टेस्टिंग का काम चल रहा है। इस वजह से अपर जोन की जलापूर्ति बाधित रहेगी। नझाई बाजार प्लांट से आपूर्ति सुचारुबनी रहेगी। 2600 केएल का सीडब्ल्यूआर ललितपुर पुनर्गठन योजना में बनाया गया था जिसे वर्ष 2010-11 में जल संस्थान को हस्तांतरित किया गया था। अब जल संस्थान के लिए आपूर्ति की समस्या खड़ी हो गई है।
नदीपुरा में गिरे दो मकान
नदीपुरा संकट मोचन मंदिर के पास रहने वाले मो. नईम पुत्र मोहम्मद हनीफ व मोहम्मद फईम का कच्चा मकान धंसक गया। पीड़ितों का कहना है कि दो तरफ से शहजाद नदी का पानी आया, जिससे सामान उठाने का भी मौका नहीं मिला। किसी तरह भागकर जान बचाई।
पटेल नगर का पंप पानी में डूब गया था व सीडब्ल्यूआर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। नेहरू नगर पंप हाउस व ग्रामीण क्षेत्र की आपूर्ति में लगी मोटरें भी डूब गई थी। इससे शहर में आपूर्ति बाधित रहेगी।
संजीव कुमार
अधिशासी अभियंता, जल संस्थान