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Lalitpur News: मंडी में बने गड्ढों में भरा पानी, मुश्किलों से जूझे किसान और पल्लेदार

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ललितपुर। करोड़ों का राजस्व देने वाली नवीन गल्ला मंडी में भले ही व्यवस्थाएं दुरुस्त होने का दावा किया जा रहा हो, लेकिन मंगलवार को हुई मात्र आधे घंटे की बारिश ने इसकी पोल खोल दी। मंडी परिसर में बने गड्ढों में पानी भरने से वाहनों का निकला मुश्किल हो गया। खुले में रखा अनाज गीला हो गया। व्यापारियों ने आनन फानन अनाज की बोरियों को पॉलिथीन से ढककर बारिश से बचाया।
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गल्ला मंडी में किसानों को अनाज रखने के लिए नीलामी चबूतरे बनाए गए हैं। यहां व्यापारियों द्वारा किसानों से खरीदे गए अनाज को रखकर नीलामी कराई जाती है, लेकिन अधिकांश आढ़तिया खुद की दुकानों के सामने ही सड़क पर किसानों का गेहूं रखकर बिक्री करते हैं।
मंगलवार को गल्ला मंडी में व्यापारियों का अनाज बोरों में भरकर रखा हुआ था, तभी शाम को अचानक तेज बारिश शुरू हो गई। व्यापारियों ने अनाज से भरे बोरों को पॉलिथीन से ढकना शुरू किया, लेकिन बारिश के साथ तेज हवा चलने के कारण परेशानी हुई। आधे घंटे की बारिश में गल्ला मंडी परिसर में जगह-जगह गड्ढों में पानी भर गया, जिससे किसानों व पल्लेदारों एवं व्यापारियों को अपने वाहन निकालने में दिक्कत का सामना करना पड़ा।
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गड्ढों में भरे पानी से हो सकता था हादसा
मंडी समिति के कार्यालय के सामने डिवाइडर के कट के मध्य गड्ढे में पानी भर गया। इसके आगे शिव मंदिर से चंद कदम पर बाउंड्री के पास भी गड्ढे में पानी भरने से अनाज लादने में पल्लेदारों को परेशानी हुई। जबकि, पुलिस चौकी से पहले पीछे वाली सड़क पर गड्ढे में पानी भरने से लोडिंग वाहन निकालने में चालकों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। यदि इस गड्ढे में वाहन का पहिया फंस जाता तो वह पलट सकता था।

नीलामी चबूतरों पर किसानों का अनाज रखने का प्रावधान
गल्ला मंडी में किसानों को अनाज रखने के लिए नीलामी चबूतरे बनाए गए हैं, जहां आढ़तिया तौल कराते हैं, लेकिन अधिकांश आढ़तिया किसानों से गेहूं लेकर सड़क पर ही ढेरी बनाकर रख लेते हैं और तेज बारिश होने पर गेहूं भीग जाता है।
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मई में 2.44 करोड़ का राजस्व आया
गल्ला मंडी में मई में करीब 2.44 करोड़ का राजस्व आया, लेकिन मंडी के रखरखाव पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। आढ़तियों का कहना है कि अभी से यह हाल है तो बारिश के मौसम में मंडी में आवागमन भी मुश्किल हो जाएगा।
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फोटो-14
गल्ला मंडी में अनाज रखने के लिए नीलामी चबूतरे हैं, जिन पर टिनशेड लगे हैं, लेकिन बहुत से पल्लेदार सड़क पर अनाज डालते हैं। कुछ देर की बारिश से अनाज पर असर नहीं हुआ, लेकिन ज्यादा बारिश होगी तो परेशानी आएगी।-संजीव जैन, कप्तान, अध्यक्ष, गल्ला व्यापार संघ।

फोटो-15
नीलामी चबूतरे खाली पड़े हैं, लेकिन आढ़तिया किसानों का माल टिनशेड के नीचे चबूतरों पर नहीं रखते। जगह-जगह गड्ढे हैं, लेकिन मरम्मत न होने से बारिश में जलभराव हो जाता है। कोई सुनवाई नहीं है।-अशोक जैन अनौरा, गल्ला व्यापारी।
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मंडी में किसानों के अनाज रखने के लिए चबूतरे खाली हैं। वे अपना अनाज वहां रख सकते हैं। परिसर में गड्ढों को भरवाने के लिए प्रस्ताव भेजकर बजट मांगा जाएगा। बजट मिलते ही गड्ढों को भरवा दिया जाएगा।-सतेंद्र कुमार, सचिव, नवीन गल्ला मंडी
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